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आगे निकलने की होड़ में ट्रॉली पलटी, एक की मौत, 22 घायल

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घायल को अस्पताल ले जाते पर‌िवार वाले। - फोटो : अमर उजाला
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दातागंज (बदायूं)। राशन कोटा प्रस्ताव कराने की शिकायत करने एसडीएम कार्यालय जा रहे लोगों की ट्रॉली दातागंज समरेर रोड पर अनियंत्रित होकर पलट गई। दूसरी ट्रॉली से आगे निकाले की होड़ में यह हादसा हुआ। ट्रॉली के नीचे दबकर एक ग्रामीण की मौत हो गई तो करीब 22 ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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समरेर ब्लाक के बसेला गांव में सोमवार को राशन कोटे का प्रस्ताव होना था। कोटेदार के लिए इसी ग्राम पंचायत के मजरे ढिलवारी के गुड्डू और नगला के अशोक दावेदार थे। सोमवार सुबह ही अशोक पक्ष के लोग दो ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर दातागंज एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने तारीख आगे बढ़वाने की मांग की। गुड्डू पक्ष को जानकारी हुई तो वह सोमवार को ही प्रस्ताव कराने पर अड़ गए। चूंकि अधिकारियों की टीम गांव नहीं आई थी, इसलिए यह लोग भी दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर दातागंज की ओर चल दिए। ढिलवारी से थोड़ा आगे दातागंज रोड पर बढ़ते ही दोनों ट्रैक्टरों के चालक एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लग गए। इसमें एक ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। ट्रॉली में बैठे लोग इसके नीचे दब गए तो कुछ छिटककर दूर जा गिरे।
हादसे में गांव निवासी बब्बू (45) की मौत हो गई। जबकि कोटे के आवेदक गुड्डू, शारुन (17) पुत्र अलीहसन, चुन्ना (22), मुशर्रफ (18) पुत्र कल्लू, किरेंद्र (35), मसीत (50), सुआलाल (60), मैकूलाल (60), सामनिया (50), धर्मेंद्र (21), नन्हे (19), मुहम्मद राज (20), वीरेंद्र, इंद्रराज, प्रेमचंद्र, रामनाथ, लीलाधर, साबिर, मुकेश, कृपाल और देशराज आदि घायल हो गए। घटना के दौरान मौके पर कोहराम मच गया। किसी ने पुलिस तो किसी ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में पांच एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। यहां उनके मेडिकल परीक्षण और मरहम पट्टी को काफी स्टाफ लगाया गया। शव को भी पंचनामा भरवाकर यहां लाया गया।
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कोटे को लेकर तीन गांवों में थी जंग
दातागंज। बसेला नगला ग्राम पंचायत में पांच मजरे ढिलवारी, नगला, गौंटिया, संतोषनगर और बसेला हैं। इनमें पांच माह पहले तक नगला के प्रमोद के पास दो राशन कोटे थे। इनमें से एक निरस्त हो गया। इसे दूसरे गांव में अटैच कर दिया गया। ढिलवारी के लोगों का दर्द था कि उन्हें छह महीने से चार किमी चलकर राशन लेने जाना पड़ता था। वह भी उन्हें मिल नहीं पाता था। ढिलवारी, बसेला और नगला के लोग अपने-अपने गांवों में कोटा कराना चाहते थे। ढिलवारी के लोग गुड्डू को कोटेदार बनाना चाहते हैं तो नगला के लोग अशोक को। घायल गुड्डू ने बताया कि पांच बार पहले भी कोटा प्रस्ताव की तारीख तय की गई थी पर अशोक पक्ष ने पैरवी करके तारीख हटवा दी। सोमवार को वह फिर से तारीख हटवाने चले गए। वह लोग इसी का विरोध करने जा रहे थे। वह एक्सीडेंट की वजह से नहीं पहुंच सके। अब एसडीएम ने प्रस्ताव की 21 तारीख तय कर दी है।
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फेरी लगाकर गुजारा करते थे बब्बू
हादसे में मृतक बब्बू गरीब परिवार के मुखिया थे। वह गांवों में फेरी लगाकर बिसातखाने का सामान बेचते थे। परिवार में पत्नी के अलावा पांच बेटियां और एक बेटा है।
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