अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
आदेश के बाद भी विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी आख्या उपलब्ध नहीं कराने और एक माह तक इस संबंध में फाइल अपने पास दबाए रखने के मामले में सीडीओ शेषमणि पांडेय ने तत्कालीन परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ( पीडी) रवींद्र नाथ सिंह से जवाब-तलब किया है। सीडीओ ने उनसे यह भी पूछा है कि उन्होंने अब पूरे मामले में फाइल को क्यों दबाए रखा। पीडी वर्तमान में जिला संत कबीरनगर में जिला विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं।
द्वितीय किश्त अवमुक्त कराने के लिए मौजूदा पीडी विजय कुमार श्रीवास्तव ने पिछले दिनों सीडीओ शेषमणि पांडेय को समक्ष पत्रावली पेश की तो मामला सामने आया। तत्कालीन पीडी रवींद्र नाथ सिंह की देखरेख में पूर्व विधायक आबिद रजा खां की विधायक निधि के अंतर्गत विकास खंड सालारपुर में सात कार्य होने थे उनमें 10 जून 2017 को स्वीकृत कार्य ग्राम भटौली में निसार के मकान से फिरासत के मकान तक सौ मीटर सीसी, ग्राम दहेमी में चुन्ने खां के मकान से सलीम खां के मकान तक होते हुए बुद्दू खां के मकान तक सीसी, ग्राम सालारपुर में मेहंदी हसन के मकान से अमीन के मकान तक 70 मीटर सीसी, ग्राम नौसाना में जीमल की दुकान से मस्जिद होते हुए शमशाद के मकान तक सौ मीटर सीसी, ग्राम यूसुफनगर में नबी हसन के मकान से मोहम्मद आया के मकान तक 115 मीटर सीसी, ग्राम बावट मेें बाबू हसन के मकान से तिराहे तक 56 मीटर सीसी और ग्राम खसपुरा मार्ग पर मकदूम गेट के निर्माण कार्य के स्थलीय निरीक्षण कर प्रथम किश्त द्वारा कराए गए कार्यों की गुणवत्ता के विषय में आख्या देनी थी। यह सभी 28.599 लाख रुपये के विकास कार्य थे। प्रथम किश्त के रूप में करीब 17 लाख रुपये अवमुक्त हो गए थे। सीडीओ शेषमणि पांडेय ने बताया कि तत्कालीन पीडी से पुराने कार्यों को लेकर आख्या मांगी गई थी लेकिन उन्होंने समय रहते पत्रावली पेश नहीं की। इसे लेकर उनसे फाइल को दबाए रखने के बावत जवाब मांगा गया है।
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तत्कालीन पीडी ने पूरे मामले में लापरवाही की है। आदेश देने के बाद भी वह पत्रावली को पेश नहीं कर पाए। उन्होंने अपना जवाब मुहैया नहीं कराया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-शेषमणि पांडेय, सीडीओ।