बदायूं। पहाड़ पर बादल फटने और बारिश हाेने के कारण बृहस्पतिवार को नरौरा डैम से फिर 1.43 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। एक सप्ताह तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहने के बाद, फिर बढ़ने लगा है। गंगा का जलस्तर 162.37 मीटर पर है। डैम का पानी आने के बाद खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों को फिर से बाढ़ का खाैफ सताने लगा है। सहसवान के आसे नगला के पास तटबंध का गंगा कटान कर रही है तो रामगंगा ने रुख बदल लिए जाने के बाद वहां भी कटान से तीन गांव घिर चुके हैं। एसडीएम दातागंज ने इन गांवों को दौरा किया है।
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फिर से गांव में भर सकता है पानी
सहसवान। गंगा में पानी बढ़ने से महावा तटबंध के अंदर बसे भमरौलिया, खागी नगला, गिरधारी नगला, तौफी नगला, वीर सहाय नगला में फिर से जलभराव की स्थिति बन सकती है। गंगा का पानी खेतों में होता हुआ, तेजी से फिर बांध की ओर बढ़ रहा है। दूसरी तरफ खिरकवारी, मानपुर पुख्ता के मजरा आसे नगला गांव के पास फिर से कटान होने लगा है। यहां करीब सौ मीटर तटबंध पर गंगा कटान कर रही हैं। बाढ़ खंड समेत पूरा प्रशासन कटान रोकने के प्रयास कर रहा है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को फिर से बाढ़ का खतरा डरा रहा है। संवाद
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बाढ़ की दहशत में 10 गांवों के लोग
उसहैत। नरौरा डैम से छोड़ा गया पानी शुक्रवार तक यहां पहुंच सकता है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने जटा, कमले नगला, दलेल नगला समेत करीब 10 गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया है। खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इन क्षेत्र के तमाम बाढ़ पीड़ित गांवों में पानी कम होने के बाद ग्रामीण वापस आ गए थे। अब पानी बढ़ने के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। संवाद
कटान से तीन गांवों में खतरा, एसडीएम ने किया दौरा
दातागंज। रामगंगा में पानी तो नहीं बढ़ रहा लेकिन धार मुड़ जाने पर गोंटिया, चापरकोरा और मकरंदापुर में कटान का खतरा बढ़ गया है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने टीम के साथ इन गांवों को दौरा किया है। कटान के संबंध में बाढ़ खंड के अधिकारियों से चर्चा की है। बिहारीपुर छेमराव में बाढ़ रोकने के लिए किए गए प्रयास नदी के प्रवाह ने खत्म कर दिए। पानी को रोकने को अस्थाई तौर पर बनाई गईं ठोकरें नष्ट हो गई हैं। चापरकोरा-गोंटिया के बीच रोड रामगंगा ने काट दिया है। संवाद
सहसवान के आसे नगला के पास तटबंध से टकराती गंगा। संवाद