बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने ब्लॉक आसफपुर के प्रधानों, पंचायत सचिवों, लेखपालों और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। यहां पर 75 ग्राम पंचायतों में किसी भी जगह पर एक भी गोवंश आश्रम स्थल नहीं बनाया गया है। इस पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने पंचायत सचिवों को हिदायत दी कि दो दिन के अन्दर सभी ग्राम पंचायतों में आश्रय स्थल तैयार हो जाना चाहिए।
डीएम ने कहा कि लोग दूध निकालकर पशुओं को आवारा छोड़ना बंद करें। पशु को आवारा छोड़ने वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर एक हजार रुपये का जुर्माना डाला जाएगा और पालन पोषण कर सौ रुपये प्रतिदिन पशु के आधार पर वसूल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मार्गदर्शन ही कर सकते हैं, लेकिन इसका हल प्रधानों को ही निकालना है। इसके लिए सब मिलकर कार्य करें। इससे किसानों को रात में खेतों की रखवाली करने की आवश्यकता नहीं होगी और वे राहत महसूस करेंगे। इससे प्रधानों की छवि में सुधार आएगा।
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लगनशील प्रधान सम्मानित
डीएम ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल कार्य में विशेष रुचि लेने वाले उघैती के प्रधान रामकुमार, गांव तिगरा के प्रधान प्रताप सिंह, गांव कचौरा के प्रधान चिरौंजी लाल को फूलमाला पहनाकर सम्मनित किया।
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दो लेखपाल अनुपस्थित
-अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल शासन की प्राथमिकता में शामिल हैं। इस संबंध में ली गई महत्वपूर्ण बैठक में गांव मुगर्रा और गांव बंजरिया धामपुर के लेखपाल बैठक अनुपस्थित रहे। इस पर डीएम ने दोनों के एक दिन के वेतन कटौती के आदेश किए हैं।
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गोशाला न बनने से लावारिस घूम रहे पशु, किसान परेशान
बिसौली। जिले में लावारिस गोवंशीय पशुओं को गोशाला बनवाकर उसमें पहुंचाने की तारीख निकल गई, लेकिन तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक घुमंतू गोवंशीय पशुओं वाले गांव परसिया से अब तक एक भी गोवंशीय को पकड़कर गोशाला नहीं पहुंचाया गया है। इससे किसान बुरी तरह से परेशान हैं।
गांव में लगभग दो सौ गोवंशीय घुमंतू हैं जो किसानों की फसलों पर शाम होते ही धावा बोल देते हैं। इस समस्या से जूझने के लिए हाड़ कंपाने वाली सर्दी में भी किसान अपने खेतों पर फसल की रखवाली करते हैं, फिर भी किसी दिन यदि किसान की नजर चूक जाए तो यह घुमंतू उसकी फसल बरबाद कर देते हैं।
इन गोवंशीय को गोशालाओं में पहुंचाने का आदेश सुनकर ग्रामीणों के चेहरे खिल गए थे, लेकिन इतना समय गुजरने के बाद भी कोई कारवाई न होने से अब वे निराश हो चले है। एसडीएम मोहम्मद अवैश ने बताया कि गोशाला के लिए सिचैली गांव में जमीन की तलाश पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही गोशाला बनकर तैयार हो जाएगी, साथ ही गांवों में अस्थायी गोशाला बनाए जाने की भी योजना है। ब्यूरो