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बिना दवाओं के बुखार से जंग कैसे जीतें डॉक्टर

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सीएचसी-पीएचसी में दवाइयों का आकाल
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नहीं पहुंची पैरासीटामोल, सिप्रो, डॉक्सी साइक्लीन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में बुखार महामारी की तरह फैला हुआ है। ऊपर से जिले के सरकारी अस्पतालों में दवाएं नहीं हैं। पैरासीटामोल, सिप्रो, डॉक्सी साइक्लीन सोमवार को भी नहीं पहुंची। ऐसे हालात में बुखार पर काबू कैसे पाया जा सकता है। कुछ डॉक्टर मरीजों की हालत देखकर मजबूरी में बाहर की दवाएं लिख दे रहे हैं।
इस समय स्वास्थ्य विभाग को खुद इलाज की जरूरत है। पिछले तीन दिनों से जिले की सीएचसी और पीएचसी में बुखार की जरूरी दवाएं नहीं है। इन दवाओं में पैरासीटामोल, सिप्रो, डॉक्सी साइक्लीन भी शामिल हैं। दवाएं न होने से सीएचसी और पीएचसी से मरीजों को लौटाया जा रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने से हालात बदतर हो गए हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि दवाओं की डिमांड भेजी जा चुकी है। मगर सोमवार देर शाम तक दवाएं जिले में नहीं पहुंचीं।
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दिल्ली से आई मलेरिया जांच किट, आधी बरेली भेज दी गईं बुखार के मरीजों की जांच के लिए दिल्ली से मलेरिया की 3825 जांच किट रविवार को सीएमओ कार्यालय पहुंच गईं। इनमें आधी यानी 1825 किटें बरेली भेज दी गईं।
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दवाइयों की कमी चल रही है। डिमांड करने के साथ लखनऊ गाड़ी भेजी गई है। जैसे ही दवाइयां मिल जाएंगी, सीएचसी-पीएचसी को वितरित करा दिया जाएगा।
-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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