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चालू होने से पहले धंसने लगा बदायूं बाईपास

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चालू होने से पहले धंसने लगा बदायूं बाईपास
बारिश में हो रहा मिट्टी का कटान, कई जगह दलदल, निकलना मुश्किल
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल, जनता की कमाई के 110 करोड़ जा रहे पानी में
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक अगस्त को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन धंसने से एक कार 50 फुट नीचे गहरी खाई में जा गिरी थी। बरेली में सोमवार को पीलीभीत बाईपास पर केबल बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में मिट्टी की धांग गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई थी। मगर बदायूं बाईपास रोड का तो इससे भी बुरा हाल है। बदायूं बाईपास चालू होने से पहले ही धंसने लगा हैं। शुक्रवार को बदायूं बाईपास पर पहिया धंसने की वजह से सामान भरा एक ट्रक दिनभर खड़ा रहा। बारिश में बाईपास किनारे मिट्टी का कटान लगातार जारी है। अब बदायूं बाईपास निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने हैं। इसी हालात में बाईपास चालू कर दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इस बाईपास से शहरियों को बहुत उम्मीदें थीं। लोगों को लगा कि बाईपास निर्माण से लोगों की भागदौड़ कम होगी और शहर को जाम के झाम से मुक्ति मिलेगी। मगर पहली बारिश ने शासन, प्रशासन और निर्माण एजेंसी की पोल खोल दी। बारिश और बड़े वाहन गुजरने से बाईपास पर जगह-जगह सड़क धंस गई है। कई जगह रोड किनारे मिट्टी कटान हो गया है। सड़क धंसने से कई भारी वाहन फंस चुके हैं। एक सप्ताह पूर्व डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बाईपास का निरीक्षण कर जल्द शुरू करने के आदेश दिए थे। परंतु इन हालात में बाईपास अगस्त खत्म होने के बावजूद पूरा नहीं हो सकता।
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करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा बाईपास बरेली हाईवे से निकलकर सालारपुर विद्युत उपकेंद्र के नजदीक से होते हुए कुंवरगांव रोड, फिर बिसौली रोड पर पेट्रोल पंप के नजदीक से होते हुए एआरटीओ कार्यालय और उझानी मार्ग पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के बराबर से निकलेगा। बाईपास का निर्माण भी उझानी रोड से शुरू हुआ था। इसको बिल्सी और बिसौली मार्ग तक जोड़ा भी जा चुका है। इस पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है, परंतु बाईपास निर्माण में अभी कई कार्य ऐसे अधूरे पड़े हैं, जिन्हें पूरा करने में अगस्त का महीना निकल सकता है। सितंबर माह भी गुजर जाए, तो नहीं कहा जा सकता। हालांकि जिला प्रशासन ने उझानी से बिसौली मार्ग तक बाईपास जोड़ने का दावा किया है लेकिन बाईपास के हालात जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के दावे फेल कर रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय के बराबर में ही बाईपास पर एक बड़ा गड्ढा हो गया है, जहां से वाहन निकलना तो दूर, उस दलदल में व्यक्ति भी नहीं घुस सकता। वाहन निकलने के लिए साइड से बजरी डाल दी गई है। इससे बिसौली रोड की ओर बढ़ें तो रास्ते में कई जगह बाईपास का हाल बुरा मिलेगा। कई जगह बाईपास किनारे की मिट्टी कट कर खेतों में जा चुकी है। इससे न सिर्फ बाईपास धंस रहा है। बल्कि वाहनों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। सोत नदी पर तो और बुरे हालात हैं। यहां जिला प्रशासन के निर्देश पर खड़ंजा डाला गया था। बारिश होने पर पूरा खड़ंजा मिट्टी में धंस गया है, जिससे दलदल हो गई है। इससे आगे बिसौली मार्ग पर बाईपास जुड़ने से पहले वाहन आकर धंस रहे हैं। बाकी सालारपुर मार्ग पर बाईपास जोड़ने के लिए मिट्टी डालने का कार्य चल रहा है।
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बाईपास पर एक और ट्रक धंसा
बाईपास निर्माण की गुणवत्ता परखे बिना भारी वाहनों का आवागमन तो शुरू करा दिया गया है लेकिन यही बड़े वाहनों के लिए मुसीबत बन रहा है। तीन दिन पहले बाईपास पर एक ट्रक धंस गया था। उसे निकलाने के लिए एड़ी चोटी तक के जोर लगाने पड़े। बाद में स्वयं पुलिस ने क्रेन मंगवाकर ट्रक निकलवाया। इससे कुछ दूरी पर गुरुवार रात एक और ट्रक धंस गया। जिसे शुक्रवार देर शाम तक नहीं निकाला जा सका। ट्रक का पिछला हिस्सा पूरा सड़क में धंस गया है।
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बाईपास किनारे किसानों की हो रही फसल बर्बाद
बाईपास किनारे डाली गई मिट्टी आस-पास के किसानों की फसलों के लिए दुश्मन बन रही है। मिट्टी कटाव रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। न तो पत्थर लगवाए गए हैं और न ही पूरी तरह से नालियां बनी हैं। बाईपास की मिट्टी कटकर सीधे धान की फसल में पहुंच रही है, जिससे कहीं-कहीं धान की फसल ही गायब हो गई है। कई जगह मिट्टी से खेत पट गए हैं, जिससे फसल तक बर्बाद हो गई है। --------
खराब सड़क बताने को नहीं लगे बोर्ड
हालांकि अभी बाईपास निर्माण पूरा नहीं हुआ है लेकिन वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। कई जगह सड़क खराब पड़ी है। यहां वाहन धंस सकते हैं या कोई हादसा हो सकता है। इसके लिए ऐसे स्थानों पर नोटिस बोर्ड लगाने चाहिए थे परंतु ऐसे कोई बोर्ड इस बाईपास पर नहीं लगाए गए हैं।
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कुंवरगांव रोड की ओर मिट्टी डालने का कार्य रुका
श्रावण मास शुरू होने से पहले बाईपास निर्माण में तेजी दिखाई दे रही थी। कुंवरगांव रोड तक मिट्टी डालने का कार्य भी शुरू कर दिया गया था कुछ मिट्टी डाली भी जा चुकी है परंतु बरसात होने से मिट्टी डालने के कार्य पर ब्रेक लग गया। तभी से आगे कार्य जैसा कि तैसा पड़ा है।
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वर्जन-
बाईपास निर्माण अभी चल रहा है। अगर पीछे कहीं कोई कमी रह गई है तो मौके पर जाकर इसकी जानकारी की जाएगी। तभी कुछ बता सकते हैं। निर्माण में बरसात अड़चन बन रही है, जिससे कार्य धीमी गति से हो रहा है।
-प्रवीण, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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