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कछला गंगाघाट पहुंचने लगे कांवड़िए, जलाभिषेक कल
बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा बरेली-मथुरा हाईवे
कछला घाट पर जुटे कांवड़ियों ने गंगा में किया स्नान, गंगाजल भरा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ उझानी। सावन के पहले दिन शनिवार को कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। पहले दिन सुबह से ही कांवड़िए गंगाजल भरने को कछला गंगाघाट पहुंचने लगे। सोमवार को शिवालयों मेंजलाभिषेक किया जाएगा। पहले दिन कांवड़ियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। कांवड़ियों के जयकारों से बरेली-मथुरा हाईवे गूंज उठा। इस दौरान सुरक्षा के खासे इंतजाम रहे। कछला गंगाघाट पर गंगाजल भरने के लिए दूर-दराज के कांवड़ियों की पांच टोलियां शुक्रवार देर रात पहुंच गईं। इनमें शामिल कांवड़ियों ने शनिवार तड़के गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और गंगाजल भरा। कांवड़ पूजन भी किया गया। भोलेनाथ की स्तुति के साथ ही शुरू हुई कांवड़ यात्रा कछला से शुरू होकर उझानी मार्केट में पहुंची तो शिवभक्त दुकानदारों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। नाचते-गाते कांवड़ियों ने निजी वाहन पर लगे डीजे साउंड की धुन पर थिरक कर माहौल शिवमय बना दिया। बरेली के कांवड़ियों की टोली में शामिल हरिओम ने बताया कि उन्हें सावन के पहले सोमवार को शिवालय में जलाभिषेक करना है। इसके अलावा पीलीभीत के शिवभक्तों की टोली ने भी दोपहर में गंगाघाट पर कांवड़ पूजन किया। पहले दिन निकली टोलियों में शामिल ज्यादातर शिवभक्त सावन के प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक करेंगे।
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गंगाघाट शिवभक्तों से गुलजार
उझानी। सावन में कांवड़ यात्रा यूं तो प्रत्येक दिन चलेगी, लेकिन पहले दिन ही गंगाघाट शिवभक्तों की मौजूदगी से गुलजार हो उठा। गंगा में आस्था की डुबकी लगाते समय गोताखोरों ने भी उन पर नजर रखी। कांवड़ियों को बैरीकेडिंग से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। घाट पर बैरीकेडिंग कराकर बल्लियों पर लाल झंड्डियां भी लगवा दी गई हैं। पुलिस कर्मियों की भी हालत पर नजर रही। बरेली-मथुरा हाईवे पर वितरोई मोड़, दिल्ली मोड़, बाइपास और बहेड़ी मोड़ से पुलिस कर्मियों ने भारी वाहनों की एंट्री नहीं होने दी।
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मंडी गेट पर नहीं लग पाया
भोले के शृंगार का बाजार
कब्जा करने को दबंगों ने बांस गाड़े तो पुलिस ने उखाड़ फेंके
चंदा देकर गोशाला की भूमि पर लगाई जाने लगी दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। करीब पांच साल तक सरकारी जमीन पर गुलजार होने वाला भोले के शृंगार के सामान का बाजार अंतत: राजनीतिक उठापटक की भेंट चढ़ गया। आर्थिक फायदे के लिए हालांकि कई बार कोशिश भी की गई लेकिन मामला अफसरों के संज्ञान में पहुंच जाने से फायदा उठाने वाले भी शांत पड़ गए। अब, मंडी गेट के सामने दूसरे छोर पर गोशाला की भूमि पर दुकानें लगी हैं, जिसके लिए दुकानदारों के लिए गोशाला को चंदा भी देना पड़ा।
भोले के शृंगार के सामान के बाजार पर संकट के बादल की शुरुआत तो उसी दिन से हो गई जब पहले दिन बाकायदा नीलामी प्रक्रिया का सहारा लिया गया। मनपसंद जगह को लेकर बोली 40 हजार के पार हुई तो हंगामा हो गया। दो दिन बाद फिर कोशिश हुई तो राजनीतिक उठापटक ने माहौल गर्मा दिया। बताते हैं कि शुक्रवार सुबह कुछ लोगों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी भूमि पर दुकानें लगाने के लिए बांस गाड़ दिए। इसकी भनक लगते ही कोतवाल विनोद कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने बांस और बल्लियों को उखड़ कर फेंक दिया है। उधर, गोशाला कमेटी ने भोले के शृंगार का बाजार लगाने के लिए दुकानदारों को गोशाला को चंदे के आधार पर भूमि मुहैया कराई है। शनिवार को पूरे दिन दुकानें सजाने का काम भी चला। -----------
पिछले साल दबंगों ने बेच डाली थीं दुकानें
उझानी। भोले के शृंगार के सामान के बाजार के लिए पिछले साल कई लोगों ने दुकानों के लिए भूमि को पहले ही घेर लिया था। सरकारी भूमि पर अस्थायी रूप से कब्जा करने वालों में अधिकतर ने दुकानें नहीं लगाईं लेकिन करीब 20-20 हजार रुपये में उन्हें बेच डाला था। इसी के बाद इस बार दावेदारों की फेहरिस्त में इजाफा हो गया था।
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सुरक्षा व्यवस्था चौकस
शनिवार को कांवड़ा यात्रा शुरू होने के साथ प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गए। डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी अशोक कुमार खुद शनिवार को कछला गंगाघाट और कांवड़ियों के बारे में जानकारी लेते रहे। जिले के समस्त संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पिकेट मुस्तैद रही। कछला गंगाघाट से लेकर जिले की सीमा तक पुलिस की मोबाइल टीमें घूमती रहीं। ट्रैफिक पुलिस वाले भी अपनी ड्यूटी के हिसाब से मोर्चा संभाले रहे।