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अंबियापुर समेत पांच ब्लॉक डार्क जोन में शामिल

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अंबियापुर समेत पांच ब्लॉक
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डार्क जोन में शामिल
बिसौली, आसफपुर सेमी डार्क जोन में
शहर समेत आसपास के ब्लाकों में भी वाटर लेवल होने लगा कम अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। अंधाधुध जल दोहन से धरती की कोख सूखती जा रही है। भूगर्भ से जल का भंडार कम होने लगा है। पिछले कई वर्षों से भूजल दोहन के चलते सभी ब्लॉकों में जलस्तर गिर रहा है। बारिश कम होने से भूगर्भ जल की स्थिति और अधिक खराब होने लगी है। पिछले पांच सालों से जिले के पांच ब्लाक डार्क जोन में शामिल किए गए हैं। जबकि दो ब्लाकों को सेमी डार्क जोन श्रेणी में रखा गया है।
पिछले वर्षों में बेइंतहा भूजल दोहन के चलते सभी ब्लाकों का जलस्तर गिरता जा रहा है। बारिश कम होने से भूगर्भ जल की स्थिति का संतुलन और अधिक बिगड़ने लगा है। यूं तो पानी का उपयोग हम लोग साल भर करते हैं। मगर बरसात बमुश्किल तीन से चार महीने ही होती है। इसके बावजूद अच्छी बरसात होने पर काफी हद तक भूजल का भंडार हो जाता है। मगर मौजूदा समय में हो रहे जमकर जलदोहन ने हालात को बिगाड़ दिया है। इसके चलते जिले के अंबियापुर ब्लाक क्रिटिकल जोन की श्रेणी में आ गया है। यहां पर वाटर लेवल काफी नीचे खिसक गया है। जबकि इस्लामनगर, सहसवान, उझानी और कादरचौक ब्लाक डार्क जोन में है। यहां पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। इसमें उझानी और कादरचौक पिछले साल डार्क जोन में शामिल हुए थे। जबकि बिसौली और आसफपुर सेमी डार्क जोन में शामिल हुए है। अगर जल्द ही यहां पर लोगों ने जलदोहन को कम नहीं किया तो आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जबकि इन ब्लाकों के अलावा शहर समेत जगत, म्याऊं में भी वाटर लेवल कम हो रहा है। लोगों को कहना है कि वहां पर सरकारी हैंडपंप पानी छोड़ चुके है।
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हर गांव में एक तालाब खोदा जा रहा है। इससे काफी हद तक वॉटर लेवल पर फर्क पड़ेगा। साथ ही लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। लोग स्वयं भी इस ओर प्रयास करें। विभाग अपने स्तर से लगातार काम रहा है।
-महेश चंद्र सक्सेेना, सहायक अभियंता लघु सिंचाई
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