जिला पंचायत की बैठक में 7.66 करोड़ का बजट पास
बैठक में छाया रहा गन्ना किसानों की समस्याओं का मुद्दा, सपा सांसद ने अफसरों को लिया आड़े हाथों
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में वर्ष 2017-18 का पुनरीक्षित बजट और 2018-19 का मूल बजट पेश किया गया। कुल सात करोड़ 65 लाख 93 हजार 876 के बजट को स्वीकृति दी गई। जिले के गन्ना किसानों की समस्या का भी मुद्दा भी जोर शोर से उठाया गया। कई जिला स्तरीय अधिकारियों के मौजूद नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की।
जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा की अध्यक्षता में शनिवार दोपहर को हुई बैठक में सबसे पहले अपर मुख्य अधिकारी ने गत बैठक की कार्यवाही को सदन के समक्ष पढ़कर सुनाया। इसकी आम सहमति से पुष्टि की गई। अपर मुख्य अधिकारी ने वर्ष 2017-18 का पुनरीक्षित बजट आय रुपये 523653256 और व्यय राशि 447059379 तथा वर्ष 2018-19 का मूल बजट राशि 391901876 तथा व्यय राशि 326342700 रुपये का रखा जो सदन ने आम सहमति से पारित कर दिया।
बजट प्रस्ताव पारित होने के बाद सांसद धर्मेंद्र यादव ने जिले के गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया। कहा कि आज जिले का गन्ना किसान परेशान है। कई किसानों का गन्ना खेतों में खड़ा और कटा सूख रहा है। इस पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है यह बताया जाए। सांसद ने कहा कि पिछले दिनों गन्ना किसानों ने बिसौली रोड पर जाम भी लगाया था। मीटिंग में पहुंचे गन्ना विभाग के अधिकारी से जब इस बारे में बात की तो उसने जाम के मामले से इंकार कर दिया। इस पर कई जनप्रतिनिधियों ने इस अधिकारी को आड़े हाथों लिया। इसी दौरान बिजली महकमे के एक अधिकारी से बात की गई। इस अधिकारी ने कहा कि उसे मीटिंग की जानकारी नहीं थी। इस पर सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अभी स्पष्ट किया जाए कि किस स्तर पर लापरवाही रही है। पता चला कि बिजली विभाग को 12 मार्च को ही मीटिंग का एजेंडा उपलब्ध करा दिया गया था। इस पर सांसद ने इस अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने को कहा।
कई जनप्रतिनिधियों ने कई जिला स्तरीय अधिकारियों के मौजूद नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। सत्ता पक्ष के शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने उन्हेें आश्वासन दिया कि मीटिंग से नदारद रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर वह खुद भी गंभीर हैं। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा के अलावा सांसद धर्मेंद्र यादव, विधायक महेश गुप्ता, धर्मेंद्र शाक्य, ओमकार सिंह यादव, श्रीवती देवी, राजेश कुमार, सतीश यादव, कालीचरन, कौशल कुमार, धीरज सक्सेना,दुर्वेश यादव, अनुराधा, प्रेमवती, शांतिदेवी, नीलम यादव अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार यादव, वित्त परामर्शदाता संजय कुमार अग्रवाल, अभियंता केपी वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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नहीं हुई कार्रवाई तो बैठक भी नहीं : सांसद
सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अब जब भी जिला पंचायत बोर्ड की बैठक होगी तब वह सबसे पहले यहीं जानेंगे कि गैरहाजिर रहने वाले किस अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई है। यदि कार्रवाई नहीं होगी तो बैठक भी नहीं होगी।
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गैरहाजिर अधिकारियों की नहीं दी सूची
बोर्ड बैठक में नदारद रहने वाले अधिकारियों की सूची को सार्वजनिक नहीं किया गया। जबकि जनप्रतिनिधि लगातार ऐसे अधिकारियों के नाम बताने की जिद्द कर रहे थे।