124 बकाएदारों के कनेक्शन काटे
31 विद्युत उपभोक्ताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट, 20 लाख की हुई वसूली
एक-एक लाख से ज्यादा के 67 उपभोक्ताओं को जारी हुए नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। बिजली विभाग की ओर से चलाए जा रहे वसूली अभियान के तहत मंगलवार को विद्युत वितरण खंड द्वितीय क्षेत्र में 1.44 करोड़ की बकाया जमा नहीं करने पर 124 बड़े उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए। दातागंज और बिनावर क्षेत्र में 31 उपभोक्ताओं पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। एक-एक लाख से ज्यादा का बकाया जमा नहीं करने वाले 67 उपभोक्ताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं। आज कुल 20 लाख की वसूली की गई।
बिजली महकमे की ओर से राजस्व वसूली को अभियान काफी समय से चलाया जा रहा है। बड़े उपभोक्ताओं को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। लगातार कार्रवाई भी हो रहीं हैं फिर भी उपभोक्ता बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। सो बिजली महकमा भी किसी तरह की रियायत नहीं बरत रहा है। अधिशासी अभियंता खंड द्वितीय छैल बिहारी के निर्देशन में चल रहे अभियान के अंतर्गत मंगलवार को टीमों ने दातागंज में 19 और बिनावर में 12 उपभोक्ताओं पर रिपोर्ट दर्ज कराई है इन पर 36 लाख से ज्यादा की बकाया है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि 124 ऐसे उपभोक्ता जिन पर एक-एक लाख से ज्यादा की बकाया चल रही है उनके कनेक्शन भी टीमों ने काट दिए हैं। इन सभी उपभोक्ताओं पर एक करोड़ 44 लाख की बकाया है।
छैल बिहारी ने बताया कि ऐसे ही 67 उपभोक्ताओं को आरसी से पूर्व का अंतिम नोटिस भी बकाया अदा करने को जारी किया गया है। यदि निर्धारित समय में यह उपभोक्ता बकाया जमा नहीं करते हैं तब आरसी जारी होगी। साथ ही पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। दातागंज और बिनावर क्षेत्र में टीमों ने 20 लाख की वसूली की।
इधर, बिजली विभाग के राजस्व वसूली अभियान से बकाया जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं में खलबली मची हुई है।
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नेताजी भी बच रहे हैं सिफारिश करने से
बदायूं। बिजली विभाग के राजस्व वसूली अभियान से परेशान बड़े उपभोक्ता सत्तापक्ष के नेताओं के पास भी खूब जा रहे हैं। मगर जनप्रतिनिधि भी उनकी सिफारिश करने से बच रहे हैं। खुद जनप्रतिनिधि कह रहे हैं कि बकाया जमा करनी चाहिए। जब राजस्व की वसूली नहीं होगी तो लाइट कैसे मिलेगी।
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सरकारी विभाग भी हैं परेशान
बिजली विभाग जिले में कई सरकारी विभागों की बत्ती गुल कर चुका है। वजह है कि उन विभागों के मुखिया को पहले से ही बिजली विभाग की ओर से बकाया जमा करने को कहा गया मगर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। कुछेक विभाग ऐसे हैं जिन्होंने बकाया की कुल धनराशि का दो-चार फीसदी जमा किया है। जैसे ऊंट के मुंह में जीरा।