बदायूं। नए दिव्यांग प्रमाण बनवाने और रिन्यू कराने के लिए गुुरुवार को जिलेभर से दिव्यांगों की भीड़ सीएमओ कार्यालय पर उमड़ पड़ी। मगर दोपहर बाद तक सीएमओ कार्यालय में डॉक्टरों के न बैठने पर गुस्साए दिव्यांगों ने जिला महिला अस्पताल के सामने लावेला-कचहरी रोड पर बैठकर हंगामा शुरू कर दिया। रोड जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गईं। दिव्यांग डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करीब पौन घंटे लगे जाम के दौरान दिव्यांगों की उधर से गुजरने वाले राहगीरों से नोकझोंक भी हुई।
हर गुरुवार को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए कैंप लगाया जाता है। नए प्रमाण पत्र और पुुराने प्रमाण पत्रों को रिन्यू किया जाता हैं। प्रमाणपत्र आधार से भी जोड़े जा रहे हैं। बुधवार को भी सुबह से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दिव्यांग पहुंचने लगे। दोपहर तक काफी भीड़ हो गई। मौजूद कर्मचारी आवेदन पत्रों पर नंबर अंकित कर रहे थे लेकिन दोपहर तक डॉक्टर नहीं आए। लिहाजा, दूरदराज से आए दिव्यांगों को अपने घर जाने की चिंता भी सताने लगी। दोपहर तीन बजे तक जब डॉक्टर नहीं आए तो दिव्यांगों का पारा चढ़ गया। सबने पहले वहीं पर डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में दिव्यांगों ने जिला महिला अस्पताल के सामने लावेला-कचहरी रोड पर जाम लगा दिया। आधा घंटे के जाम के कारण रोड के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गईं। जब कुछ लोगों ने जाम में से निकलने की कोशिश की तो उनकी दिव्यांगों से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने किसी तरह दिव्यांगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
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जाम लगाने के बाद दिव्यांग पहुंचे सीएमओ के पास
बदायूं। जाम खुलने के बाद सभी दिव्यांग डॉक्टर की शिकायत करने सीएमओ के पास पहुंचे लेकिन उस समय सीएमओ, कार्यालय में नहीं थे। हालांकि बाद में सीएमओ के निर्देश पर कार्यालय पर दिव्यांगों के फार्म को जमा करा दिया गया। .......
दिव्यांगों को परेशान करने वालों पर होगी कार्रवाई
बदायूं। शहर भाजपा विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने और आधार लिंक कराने आने वाले दिव्यांगों के साथ अचल प्रशिक्षण केंद्र पर होने वाली मनमानी को गंभीरता से लिया है। विधायक ने कहा है यदि अब किसी भी दिव्यांग को परेशान किए जाने का मामला उनके संज्ञान में आता है तो संबंधित डॉक्टर और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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क्या कहते हैं दिव्यांग
तहसील बिसौली के गांव नबावपुरा निवासी राजेश पाल का कहना है कि विभाग की ओर से शिविर का आयोजन बिसौली में किया गया था। वहां पर पुराने प्रमाण पत्र जमा कर लिए गए। कहां पर नया मिलेगा आज तक नहीं बताया गया। सो वह लगातार चक्कर काट रहे हैं। बोले- सुबह से लाइन में लगा रहा, लेकिन डॉक्टर नहीं आए।
वजीगंज निवासी मयंक सिंह का कहना है कि उनकी आंखों में कमजोरी है। विभाग की ओर से एक बार प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था, लेकिन अब प्रमाण-पत्र पर आधार कार्ड लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। सो वह आधार लिंक कराने के लिए कई बार यहां आ चुके हैं मगर कोई नहीं सुनता। बोले-डॉक्टर और कर्मचारी मनमानी करते हैं।
अलापुर के गांव भसराला निवासी अबरार हुसैन ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं। 12 बजे नंबर आया। तो पता चला फार्म पर केवल नंबर डाले जा रहे हैं। जब पूछा तो बताया कि अभी डॉक्टर नहीं आए हैं, जब आएंगे तब प्रमाण पत्र बनेगा। शाम तक जब डॉक्टर नहीं आए तो उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
सहसवान निवासी नेत्रपाल का कहना है कि प्राइवेट ऑन लाइन फार्म 100 रुपये देकर भरवा कर लाए हैं। सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है। यहां पर केवल डाक्टर को प्रमाणित करना है, लेकिन डॉक्टर के नहीं होने के कारण आज का पूरा दिन बेकार हो गया। साथ ही सहसवान से आने-जाने का किराया अलग से गया।
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डॉ. केके जौहरी के बेटे को डेंगू हो गया था। इस कारण अचानक उनको छुट्टी पर जाना पड़ा। उनकी जगह पर जिला अस्पताल के डॉक्टर रियाज को बुलाया गया था। वह ऑपरेशन में व्यस्त थे। जैसे ही फ्री हुए तुरंत आ गए। दिव्यांगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए शुक्रवार, शनिवार को कैंप लगाया जाएगा।
-डॉ.नेमी चंद्रा, सीएमओ बदायूं