बिजली उपभोक्ता पावर कट से परेशान हैं। 14 घंटे के शेड्यूल में ओवरलोडिंग से ट्रिपिंग तो ज्यादातर समय सप्लाई गुल हो गई। रुक-रुक कर सात घंटे के पावर कट से गर्मी में उपभोक्ता तिलमिला उठे।
बिजली सप्लाई की ड्रामेबाजी की शरुआत यूं तो पिछले आठ-नौ दिन से चल रही है, लेकिन दो-तीन दिनों में हालात बदतर हो गए। डबल ग्रुप में दिन और रात को मिलाकर 14 घंटा बिजली सप्लाई के शेड्यूल में बुधवार रात सप्लाई 10 बजे मिली। एक-डेढ़ घंटा बाद ही इस कदर ट्रिपिंग हुई की ज्यादातर समय उपभोक्ताओं को दरबाजों पर झांकने का मजबूर होना पड़ गया। बृहस्पतिवार दिन में प्रात: 10 से शाम पांच बजे तक के शेड्यूल में महज दो घंटा ही सप्लाई नसीब हुई। शुरूआत और बाद के एक-एक घंटा को छोड़ देें तो बीच में पावर कट रहा।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली की सर्वाधिक किल्लत पीक टाइम में हो रही है। दोपहर के आसपास का समय उपभोक्ताओं को हैंडफैन के सहारे गुजारना पड़ता है। घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सचिव हरीप्रकाश छाबड़ा और कोषाध्यक्ष सतीशचंद्र गुप्ता ने बताया कि उपकेंद्र पर नए उपकरणों के साथ ट्रांसफार्मरों का लोड भी बढ़ चुका है। सिस्टम भी नया है, लेकिन ओवरलोडिंग की समस्या पैदा होना समझ से परे बनी हुई है।
कटौती से नाखुश हैं भाजपा नेता
उझानी। भाजपा नगर कमेटी की बैठक में अध्यक्ष राहुल शंखधार ने कहा कि शेड्यूल के अनुरूप बिजली सप्लाई मुहैया कराने में नाकाम स्थानीय अफसरों को हालात पर गौर करना चाहिए। अघोषित कटौती करके उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। अगर ऐसा ही माहौल रहा तो बिजली अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।