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Budaun News: 132 सोलर लाइट से रोशन होंगे मछुआरों के गांव

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बदायूं। मत्स्य पालक कल्याण कोष से जिले के 12 मछुआरा बाहुल्य गांवों की तस्वीर बदली जा रही है। यहां पर सबसे बड़ी समस्या बिजली की रहती है। समस्या का समाधान करते हुए 132 सोलर लाइट गांव में लगाई जा रहीं हैं। बाढ़ के दिनों में टापू बनने के बाद भी कई रातें यूं ही अंधेरे में रहने को यह लोग मजबूर रहते थे, पर अब ऐसा नहीं होगा।
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प्रदेश सरकार ने मछुआरों के गांवों को रोशन करने के निर्देश दिए हैं। मत्स्य पालन विभाग की ओर से जिले के मछुआरा बाहुल्य गांवों की सूची तैयार की गई है। पथरामई, अबुनगर टप्पा जामनी, जैतपुर पुख्ता, सिठौली खाम, भटौली, खड़वारी, हुसैनपु़र पुख्ता समेत 12 गांव मिले हैं। इसकी सूची विभाग ने शासन को भेजी थी। क्योंकि हर साल यह गांव बाढ़ का दंश झेलते हैं। यहां के लोगों को बाढ़ के दिनों में कई रात अंधेरे में काटनी पड़ती हैं। शासन ने इन गांवों में सोलर लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए और धनराशि जारी की। अब संबंधित गांवों में इसका काम शुरू हो गया है। एक माह के अंदर इन गांव में लाइट लगकर तैयार हो जाएगी। रात में यह ग्रामीण अब अंधेरे में नहीं रहेंगे।

प्रत्येक गांव में दो हाईमास्ट लाइट भी लगेंगी
विभाग की ओर से चयनित गांवों में सोलर लाइट के अलावा हाईमास्ट लाइट भी लगाए जाने के निर्देश हैं। ऐसे में प्रत्येक गांव में 11-11 सोलर लाइट लगेंगी। साथ ही दो-दो हाईमास्ट लाइट भी लगेंगी। प्रत्येक हाईमास्ट लाइट एक लाख 32 हजार रुपये से लगाई जा रही है। इसके अलावा प्रत्येक सोलर लाइट की कीमत लगभग 21 हजार रुपये है।
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यूपीनेडा विभाग से किया है समझौता
मत्स्य पालन विभाग ने इन लाइट को लगवाने के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) से समझौता किया है। उनकी तरफ से ही इन लाइट को लगवाया जा रहा है। रखरखाव का जिम्मा भी उन्हीं का होगा।


चयनित गांवों में तेजी से काम हो रहा है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। लोगों को अब अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। - अमित शुक्ला, जिला मत्स्य पालन अधिकारी
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