बदायूं। लोकसभा चुनाव ने जिले में गेहूं खरीद को भी काफी प्रभावित किया है। जिले में गेहूं खरीद को विभिन्न एजेंसियों के 133 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां पर अब तक सिर्फ 5443 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। उम्मीद की जा रही है कि अब गेहूं खरीद में तेजी आ सकती है, हालांकि विभागीय अधिकारियों का यह भी तर्क है कि किसानों का गेहूं खेतों में भी खड़ा है।
शासन के निर्देशानुसार एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद के लिए केंद्र खोले गए। जिले में विपणन शाखा के दस, पीसीएफ के 87, यूपी एग्रो के पांच, यूएसएस के 21, एसएफसी के पांच, कर्मचारी कल्याण निगम के चार तथा भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र हैं। इस तरह कुल 133 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। अब तक हुई खरीद के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो यह अच्छे नहीं माने जा रहे हैं। सिर्फ 5443 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद अब तक हुई है, साथ ही अब तक 826 किसान ही लाभान्वित हो पाए हैं।
पिछले साल के आंकड़ों पर यदि गौर करें तो एक अप्रैल से अब तक 29 हजार 360 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जो इस साल के आंकड़ों से काफी ज्यादा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यही मानी जा रही है कि लोकसभा चुनाव में किसान व्यस्त रहे हैं, जिन्होंने गेहूं को निकलवा तो लिया है, लेकिन क्रय केंद्रों पर अभी बेचा नहीं है। 23 अप्रैल को जिले में मतदान हो गया है। माना जा रहा है कि इसके बाद गेहूं खरीद में तेजी आएगी।
अपेक्षाकृत गेहूं खरीद नहीं होने पर डीएम ने भी जताई नाराजगी
डीएम दिनेश कुुमार सिंह ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट मेें सभी एसडीएम की बैठक ली। इसमें उन्होंने अपेक्षाकृत गेहूं खरीद नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की है। डीएम ने कहा कि जिले में 133 क्रय केंद्र खोल गए हैं, लेकिन फिर भी गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति अत्यंत ही खराब है। ऐसे में प्रत्येक क्रय केंद्र पर लेखपाल/ राजस्व निरीक्षक को तैनात किया जाए, साथ ही सभी एसडीएम प्रगतिशील किसानों से मिलें और उन्हें सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करें।
किसान चुनाव में व्यस्त रहे हैं। इसके अलावा बरसात ने भी गेहूं की फसल को प्रभावित किया। बहुत से किसानों के गेहूं की फसल अब भी खेतों में खड़ी है। चुनाव निपट चुका है, अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है।
- प्रकाश नारायण, विपणन अधिकारी