बदायूं। सूची में नाम नहीं होने पर दातागंज और उसहैत के सैकड़ों मतदाता वोट देने से वंचित रह गए। इस बात से उन सभी मतदाताओं में बेहद नाराजगी भी थी। उनका कहना था कि ऐसा लगता है जैसे जान बूझकर उन्हें सूची से हटाया गया है।
उसहैत। आंवला लोकसभा अंतर्गत आने वाले इस कस्बे में बने नगर पंचायत कार्यालय के बूथ पर मतदान करने पहुंचे कई मतदाताओं को निराश ही लौटना पड़ा। पूर्व फौजी अनंत कुमार, अशोक गुप्ता, राजेश भारद्वाज, रमेश चंद्र, अमित गुप्ता, राजा गुप्ता, रईस अहमद, रामबहादुर, रजत आदि ने कहा कि जब वे वोट डालने पहुंचे तो कहा गया कि उनका सूची में नाम नहीं है, लिहाजा वे मतदान नहीं कर सकते। बोले-उन्होंने पोलिंग पार्टी को कई आईडी भी दिखाईं। बावजूद इसके उन्हें मतदान नहीं करने दिया गया। इन सभी का कहना था कि उन्होंने हर चुनाव में मतदान किया है। इस बार कैसे उनका नाम सूची से गायब कर दिया गया। ऐसा लगता है जैसे जानकर किसी ने उनके नाम गायब किए हैं। इसकी शिकायत वे उच्चाधिकारियों से भी करेंगे। इस बारे में पूछने पर बीएलओ भी कुछ नहीं बता सके।
दातागंज। क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह के पैतृक गांव बेहटा माधौ में 1156 मतदाता हैं। इनमें से 211 मतदाताओं के नाम सूची में नहीं थे जिसकी वजह से वे मतदान करने से वंचित रहे। इस बारे में बीएलओ किरन देवी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी मतदाताओं के सूची में नाम नहीं होने के बारे में वह अधिकारियों को पहले ही बता चुकीं हैं। उनके स्तर से किसी तरह की कमी नहीं है। मतदान नहीं करने वाले 211 मतदाता संबंधित बूथ पर भी पहुंचे और उन्होंने खुद को मतदाता होने के संबंध में कई आईडी दिखाईं, लेकिन उन्हें मतदान नहीं करने दिया।
कुंवरगांव में वोटर लिस्ट से किसी का नाम गायब तो कहीं नाम गलत
कुंवरगांव। मतदाता पूरे जोश के साथ वोट डालने के लिए घर से निकले, लेकिन उनका जोश उस वक्त ठंडा पड़ गया, जब किसी का वोटर लिस्ट में नाम नहीं था तो किसी का नाम गलत था। इसके चलते उन्हें बूथ से घर लौटना पड़ा। प्रशासन की मेहनत पर उनके ही कर्मचारियों ने पानी फेर दिया। वोटर लिस्ट बनाने में बरती गई लापरवाही ने कई लोगों को वोट डालने से वंचित कर दिया। नगर के वार्ड संख्या पांच निवासी सुनीता का कहना था कि विधानसभा, नगर पंचायत के चुनावों में उन्होंने वोट डाले थे। पर, इस बार न तो लिस्ट में नाम है और न ही घर पर बीएलओ ने पर्ची पहुंचाई। श्यामकली का कहना था कि उनका वोटर लिस्ट में नाम श्यामवती लिख दिया है। जब वोट डालने पहुंची तो नाम गलत होने के कारण बाहर निकाल दिया। थाने के पास रहने वाले सुंदरम ने बताया उनके पास वोटरकार्ड और और आधार दोनों है। जब वह वोट डालने पहुचे तो मतदान कर्मियों ने यह कहकर लौटा दिया कि तुम्हारा वोटर लिस्ट में नाम नही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ यही हाल देखने को मिला।