बदायूं। विकास भवन में सीडीओ निशा अनंत ने एनआरएलएम, जिला उद्योग विभाग, जिला समाज कल्याण विभाग की बैंकों में लंबित ऋण पत्रावलियों की समीक्षा की। इसमें पाया कि एसआरएलएम के तहत गठित महिलाओं के समूहों की करीब साढ़े 11 सौ पत्रावलियां कई महीनों से बैंकों में ऋण वितरण के लिए पड़ी हुई है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई, साथ ही 25 अधिकारियों की टीम गठित की, जो इस काम पर निगरानी रखेंगी।
शुक्रवार को सीडीओ ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पाया कि एनआरएलएम के तहत गठित महिलाओं के समूहों की सात सौ, उद्योग विभाग की 140 व समाज कल्याण विभाग की लगभग दो सौ पत्रावलियां सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, जिला सहकारी बैंक, सेंट्रल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा व अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में ऋण के लिए कई महीनों से पड़ी हुई हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए एलडीएम श्याम पासवान को कड़े निर्देश दिए कि दो दिनों में सभी लंबित पत्रावलियों का निस्तारण कराएं, साथ ही एलडीएम इस पर व्यक्तिगत रूप से विशेष निगरानी रखें। सभी बैंकों से संपर्क करके अपनी देखरेख में कार्रवाई कराएं। सीडीओ ने जिलास्तरीय 25 अधिकारियों की टीमें गठित कर विभिन्न बैंकों में भेजी हैं, जो ऋण मोचन से संबंधित पत्रावलियों की बैंकों द्वारा की जा रही कार्रवाई पर नजर रखेंगी, साथ ही अपनी उपस्थिति में सभी पत्रावलियां निस्तारित कराएंगी। साथ ही रोजाना शाम को इसकी रिपोर्ट देंगी। सभी टीमें यह भी देखेंगी कि बैकों द्वारा गलत तरीके से या गलत आधार पर ऋण पत्रावलियां अस्वीकृत तो नहीं की जा रही हैं, अगर ऐसा पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस मौके पर डीआरडीए पीडी अनिल कुमार, स्वत: रोजगार उपायुक्त बृजमोहन अंबेड, उद्योग उपायुक्त धर्मेंद्र आदि मौजूद रहे।