बदायूं। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के बैनर तले आंगनबाड़ी वर्करों की दूसरे दिन भी सांकेतिक हड़ताल जारी रही। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ियों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है लेकिन वे उनके झांसे में नहीं आएंगी।
शनिवार को मंडल अध्यक्ष मोरश्री गुप्ता ने कहा कि सरकार ने बजट में कुछ नहीं किया है। सरकार ने हम लोगों के साथ नाइंसाफी की है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी। इसका जवाब आगामी चुनाव में देंगे। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि आंगनबाड़ी को बजट में निराशा मिली है। सरकार आंगनबाड़ी को गुमराह कर रही है। बजट में जो 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखा रहे हैं, वह तो अक्तूबर 2018 से मिल रहा है। आज इस भीषण महंगाई में परिवार का गुजारा कैसे हो। आज एक मजदूर की मजदूरी चार सौ रुपये प्रतिदिन है, जबकि एक आंगनबाड़ी को सौ रुपये प्रतिदिन से भी कम मानदेय मिल रहा है। ऐसे में वे लोग अपने परिवार का गुजारा कैसे चलाएं। इस मौके पर समीना, पुष्पा देवी, ललिता, मीना, संतोष कुमारी, चांदनी, मधुरानी सक्सेना, रेखा यादव आदि मौजूद रहीं।