बदायूं। सोमवार की शाम एकाएक मौसम बदल गया। शाम होते-होते काले बादल छा गए। तेज हवा चलने के साथ ही बूंदाबादी शुरू हो गई। बादल भी जोरों से गरजते रहे। कई जगहों पर तेज तो कहीं हल्की बारिश भी हुई। हवा के साथ बूंदाबादी होने से सर्दी भी बढ़ गई और सड़कों पर सन्नाटा छा गया।
दो-तीन दिन से पड़ रही धूप की वजह से सर्दी कम हो गई थी। दिन में तो फरवरी-मार्च जैसा मौसम होने लगा था। सोमवार की सुबह भी धूप निकली लेकिन दोपहर को आसमान में बादल छा गए। शाम होते ही रुक-रुककर बूंदाबादी होने लगी। जोरों से बादल भी गरजने लगे। बूंदाबादी के चलते लोग घरों की ओर भागने लगे, वहीं सर्दी में भी इजाफा हो गया। दूरदराज के क्षेत्रों में तेज बरसात होने की खबर मिली। हवा और बूंदाबादी के कारण खेतों में खड़ी सरसों की फसल बिछ गई। मौसम के अचानक बदल जाने और ठंडक में वृद्धि होने से गरीब लोगों के सामने दिक्क त खड़ी हो गई है। शहर में कई सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने बरसात से बचाते हुए अलाव लगा लिए, जहां पर गांवों से आकर रिक्शा चलाने वाले लोग बैठे थे।
सरसों और आलू के किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं को होगा ज्यादा फायदा
उझानी। शाम को हवा के साथ हुई हल्की बरसात ने आलू और सरसों की पैदावार करने वाले किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी, तो गेहूं की फसल लगाने वाले किसान खुश थे। हवा से सरसों की फसल खेतों में बिछ गई।
खेतों में आलू पकने को तैयार हैं। किसानों का कहना है कि यदि ज्यादा बरसात हो जाती है तो आलू चौपट हो जाएगा। उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
बूंदाबादी और हवा से आलू और सरसों को ज्यादा नुकसान होगा। गेहूूं को अधिक लाभ होगा। क्योंकि गेंहू को पानी की जरूरत है। हवा और बरसात से सरसों नष्ट हो जाएगी।
-डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक