फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां तो नो एंट्री में सबसे ज्यादा ‘एंट्री’

विज्ञापन
विज्ञापन
यहां तो नो एंट्री में सबसे ज्यादा ‘एंट्री’
विज्ञापन

बदायूं। शहर की सूरत बिगाड़ने में लोगों में जागरूकता की कमी तो सबसे बड़ी समस्या है ही, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी भी शहरवासियों का जीना दुश्वार किए हुए है। जिधर देखो, लोग अपनी मर्जी से वाहन लेकर निकल रहे हैं, जिसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो पैदल या दोपहिया वाहन से काम से बाजार आते हैं और फिर जाम में ऐसे फंसते हैं कि एक घंटे के काम में दो-तीन घंटे लग जाते हैं। शहर में इधर उधर दौड़ने वाले ऑटो और ई-रिक्शा समेत चौपहिया वाहन चालक जहां मर्जी आए अपने वाहन घुसा देते हैं, जिससे जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। कभी कभी पुलिस मुख्य चौराहों पर नो एंट्री की औपचारिकता निभाती भी है, लेकिन यह औपचारिकता भी कुछ दिन ही कायम रहती है।
शहर में नो एंट्री जोन में टेंपो से लेकर बड़े वाहन दिन भर खुलेआम दौड़ लगाते फिरते है। हालात ये है कि कागजों में मुख्य बाजारों में ई-रिक्शा तक प्रतिबंधित है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही की वजह से ई रिक्शा, टेंपों से लेकर चार पहिया वाहन अक्सर यहां देखे जाते हैं। उनके घुसने से वहां पर जाम की स्थिति बन जाती है। इनकी वजह से अक्सर गलियां तक जाम हो जाती हैं। इनको रोकने के लिए बाजार और चौराहों पर पुलिस कर्मचारी तो लगे है, लेकिन वे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

------
छह सड़का: हाल-बेहाल
शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका छह सड़का है। यहां से मुख्य बाजार शुरू होता है। यहां कब जाम लग जाए कोई कह नहीं सकता। गुरुवार को बड़े बाजार में भीड़भाड़ तो कम दिखाई दी, लेकिन टेंपो और ई-रिक्शा वाले इधर जरूर नजर आए। यह एरिया पूरी तरह से नो एंट्री जोन है। पुलिस के कागजों में यहां बड़े वाहन तो दूर टेंपो, ई-रिक्शा और कारों की भी नो एंट्री है, इसके बावजूद छह सड़के से बेरोकटोक ई रिक्शा जा रहे थे।
----------
घंटाघर: पुलिस वाले नहीं देते ध्यान
शहर के घंटाघर पर भी पुलिस की ओर से नो एंट्री तो कर दी गई, लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। यही वजह है कि उधर से मुख्य बाजार में धड़ल्ले से ई-रिक्शा प्रवेश करते हैं। इस वजह से बाजार में कई बार पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-------------
रोडवेज बस स्टैंड: हालात खराब
पुलिस लाइन चौराहे से रोडवेज बस स्टैंड के सामने हालात बद से बदतर हो गए हैं। यहां पर टेंपो के लिए क्षेत्र प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बावजूद गुरुवार को यहां पर टेंपो बेधड़क होकर रोडवेज की ओर फर्राटा भरते नजर आए। इस वजह से रोडवेज चौराहे पर जाम की स्थिति बन गई। इससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
--------
गलियों में भी स्थिति खराब
टेंपों से लेकर ई- रिक्शा चालकों ने गलियों तक में अपना आतंक मचा रखा है। जहां मर्जी वहां पर पहुंच जाते हैं। उनकी वजह से राहगीरों को कोई परेशानी हो, तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। अक्सर गालियों में राहगीरों से इनकी नोकझोंक तक हो जाती है इससे लेकिन उनपर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
विज्ञापन

-------------
शहर में हर तिराहे व चौराहे पर पुलिसकर्मी और होमगार्ड लगे हैं। नो एंट्री में सभी बड़े वाहनों पर रोक है। अगर इसके बावजूद कोई वाहन नो एंट्री में गया तो इसके बारे में जानकारी लेंगे। कार्रवाई भी की जाएगी।
- राममिलन पासवान, टीआई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें