मेला ककोड़ा (बदायूं)। पतित पावनी गंगा तट पर लगने वाला मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में कल्पवासियों ने डुबकी लाकर मनौती मांनी। पड़वा का विचार करने वाले श्रद्धालुओं ने कल्पवास किया। उनकी वापसी रविवार से होगी। वहीं शनिवार को कुछ गंगा भक्त अपने घर लौट गए। तंबू भी उखड़ना शुरू हो गए हैं। कल्पवासियों ने शनिवार को मेले में जमकर खरीदारी की और मौज मस्ती की। रंगमंच के कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने आनंद लिया।
शहर और देहात इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने अपने-अपने तंबुओं में गंगा किनारे बनाकर खाई जाने वाली खिचड़ी की परंपरा को निभाया। कन्या का पूजन कर गंगा किनारे खिचड़ी और जलेबी दही का भोज कराया। गंगा में स्नान करने के बाद भक्तों ने मां गंगा की पूजा अर्चना की और संध्या को दीपदान किया। दीपकों की झिलमिलाती रोशनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रसाद वितरण कर गंगा मां से मनौती मानी। मेला ककोड़ा में कई संस्थाओं की ओर से भंडारे भी कराए गए। शनिवार को सुबह से ही गंगा तट पर तेज हवा चलना शुरू हो गई। बावजूद इसके हजारों श्रद्धालु गंगा में स्नान करने पहुंचे। गंगा तट पर शनिवार को भी मल्लाह अपनी नाव लेकर मुस्तैद रहे।
मेले में सुरक्षा के इंतजाम बरकरार हैं। पुलिस मुस्तैदी से लगी है।
तीन नए रोड और पुलिया बाईपास बनने से नहीं लगा जाम
डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी अशोक कुमार के निर्देश पर इस बार मेले में ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर रहा। इस बार मेला आने जाने को तीन रोड बनाए गए थे। नए रोड और हाईवे की पुलिया पर बाईपास बनने से मुख्य स्नान वाले दिन जाम नहीं लगा। उत्तर दिशा से आने वालों को मुख्य मार्ग, पूर्व से आने वालों ने पुराना मेला मार्ग और पश्चिम दिशा से आने वालों के लिए कादरवाड़ी रोड तय किया गया था।
रोडवेज बसों के बंद होने से लोग परेशान
परिवहन निगम ने केवल एक दिन के लिए रोडवेज बसें मेला ककोड़ा को चलाई थीं। शनिवार को मेला ककोड़ा के लिए रोडवेज बस सेवा बंद कर दी गई। मेला से लौटने वालों को डगगामार वाहनों में सफर करना पड़ा। डग्गामार वाहन चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जिला पंचायत की ओर से बस स्टैंड से गंगा घाट तक मिनी बस चलाई जाती है, जो इस बार नहीं चलाई गई।
मेला में उड़ रही धूल, नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
कार्तिक पूर्णिमा और उसके अगले दिन शनिवार को तेज हवाएं चलती रहीं। मेला ककोड़ा में नियमित पानी का छिड़काव न किए जाने से धूल उड़ती रही। इससे मेले में घूमने वाले खासे परेशान रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
मेला ककोड़ा में बने सांस्कृतिक पंडाल में रात भर लोगों ने सीमा मोरवाल के ब्रज और राजस्थान की लोक विधा के साथ ही कठपुतली और जादूगर का आनंद लिया।
गंगा तट पर खुले में शौच करने से रोका
गंगा तट और मेला क्षेत्र को गंदा होने से बचाने के लिये स्वच्छागृहियों ने आधी रात से खुले में शौच जाने से लोगों को रोका। महिला और पुरुषों ने अलग-अलग टीमें बनाकर काम किया। खुले में शौच करने वालों पर जुर्माना भी लगाया।
बच्चों ने खूब उठाया झूलों का लुत्फ
बच्चों ने मेले में लगे खेल तमाशों और झूलों का जमकर लुत्फ लिया। विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के साधनों का लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार मनोरंजन किया।
नशेड़ी के उत्पात करने पर हवालात में डाला
मेले में शराब पीकर उत्पात कर रहे व्यक्ति को पुलिस ने पकड़कर हवालात में बंद कर दिया। नशा उतरने पर युवक पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा, उसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया।