फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शौचालय बने नहीं, ओडीएफ घोषित कर दिया बदायूं शहर

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो - 14, 15, 16
विज्ञापन


शौचालय बने नहीं, ओडीएफ घोषित कर दिया बदायूं शहर
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को नगर पालिका ने लगा दिया पलीता, 19 जुलाई को शासन के लिए भेज दी गई थी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। शहर, कस्बों से लेकर गांवों तक ओडीएफ किए जा रहे हैं। इसके तहत शौचालय बनाने को केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से भरपूर बजट दिया जा रहा है। मगर बदायूं नगर पालिका प्रशासन ने प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को ही पलीता लगा दिया। 19 जुलाई को बदायूं शहर ओडीएफ घोषित कर दिया गया। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। मगर शहर में शौचालयों की हकीकत कुछ अलग है। शौचालय निर्माण को पात्र पाए गए लाभार्थियों को अनुदान की दूसरी किस्त ही नहीं दी गई है। इससे शौचालयों का निर्माण अधूरा पड़ा है। कुछ लाभार्थियों को तो अनुदान की पहली किस्त ही नहीं मिली। इसका नतीजा यह रहा कि शौचालय न होने से अब भी कई इलाकों के लोग खुले में शौच को जा रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से ओडीएफ योजना वर्ष 2016 में लागू की गगई थी। इसके तहत शहर से लेकर देहात तक हर घर में शौचालय होना चाहिए, जिससे कोई व्यक्ति खुले में शौच न जाए। ऐसे गरीब परिवार जो खुद शौचालय नहीं बनवा सकते उन्हें पात्रता के आधार पर शौचालय निर्माण को सरकार की ओर से अनुदान दिया गया। ओडीएफ योजना के तहत शासन की ओर से नगर पालिका बदायूं को दो करोड़ 46 लाख 4 हजार का बजट मिला। इसमें एक करोड़ 56 लाख 4 हजार रुपये शौचालय बनवाने में खर्च कर दिए गए। बावजूद इसके शहर में शौचालय निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। खास बात है कि शासन से मिली रकम पूरी खर्च किए बगैर ही शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन


अनुदान राशि का इंतजार
जिन लाभार्थियों ने शौचालय निर्माण के लिए आवेदन किया था, वे तीन माह तक अनुदान राशि अपने बैंक खाते में आने का इंतजार करते रहे। उनके पूछने पर पालिका कर्मचारियों ने निजी खर्चे पर शौचालय बनवाने को कह दिया। इनमें कुछ लोगों ने शौचालय का निर्माण पूरा कर लिया, लेकिन अनुदान अब तक नहीं मिला। अधिकतर लोगों के शौचालय अधूरे पड़े हैं।

आंकड़ों पर नजर
शासन ने भेजा लक्ष्य - 3291 आवेदन आए- 7944
पात्र लाभार्थी - 4185
शासन से बजट मिला - 2 करोड़ 46 लाख 4 हजार
शौचालय निर्माण में किया गया व्यय - 1 करोड़ 46 लाख 4 हजार
क्या कहते हैं लोग
फोटो - 17
हमने अपने निजी खर्च से शौचालय निर्माण का कार्य शुुरू करा दिया। पालिका की ओर से कहा गया था कि निर्माण पूर्ण होने के बाद अनुदान राशि भेज दी जाएगी लेकिन अब तक नही भेजी गई है। जिस कारण शौचालय निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है।
-शाहिदा बेगम, वार्ड नंबर, 23 मोहल्ला नई सराय

फोटो - 19
योजना की शुरुआत में पालिका में शौचालय निर्माण में आवेदन किया था, लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया। घर में शौचालय न होने के कारण मजबूरन भाई के घर शौचालय जाना पड़ता है।
-जगन्नाथ, वार्ड नंबर 10, मुहल्ला कटरा ब्रह्मपुर

फोटो - 18
शौचालय अधर में लटका हुआ है। एक किस्त भेजने के बाद पालिका प्रशासन ने सुध तक नहीं ली। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-सुक्कन, वार्ड नंबर 10, मोहल्ला कटरा ब्रह्मपुर


फोटो - 20
पहली किस्त आई तो शौचालय निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया लेकिन इसके बाद एक साल से दूूसरी किस्त नहीं भेजी गई है, जिस कारण शौचालय आधा बनवाकर ही छोड़ना पड़ा।
विज्ञापन

-दरक्शां, वार्ड नंबर 23, मोहल्ला कटरा ब्रह्मपुर।


वर्जन ----
शहर के समस्त वार्ड ओडीएफ हो गए हैं, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, हालांकि कुछ लाभार्थियों के खाते में अभी दूसरी किस्त नहीं पहुंची है उनके खाते में जल्द ही अनुदान राशि भेजी जाएगी। जिन लोगों के घर अब भी शौचालयविहीन हैं वह पालिका आकर समस्या दर्ज कराएं, योजना अनुसार शौचालय के लिए आवेदन करें। शौचालय निर्माण कराया जाएगा।
-संजय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट/ईओ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें