जानलेवा हमले में तीन सगे भाइयों समेत छह लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है। सभी पर 75 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं कोर्ट ने दूसरे पक्ष के आठ लोगों को एक-एक साल की कैद और 18 हजार का जुर्माना लगाया है।
थाना सिविल लाइन के मीरासराय निवासी रामबहादुर पुत्र रामस्वरूप ने 28 अक्तूबर 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिवाली के दिन दूसरे पक्ष के लोगों ने साउंड लगा रखा था। इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। तभी राजेश्वर और धर्मेंद्र ने लाइसेंसी बंदूक से फायर कर दिए। जिसमें कई लोग घायल हो गए। वादी रामबहादुर ने हीरालाल,राजेश्वर, दयाराम पुत्रगण रामचरन, छोटे पुत्र भीमसेन, गुड्डू पुत्र घासीराम, सुरेश पुत्र नेत्रपाल और धर्मेंद्र पुत्र रामरक्षपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ब्रजेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। हीरालाल, राजेश्वर, दयाराम, गुड्डू, सुरेश और धर्मेंद्र को मुजरिम करार देते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई। सभी पर 75 हजार का जुर्माना डाला है। छोटे के गैरहाजिर होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है।
वहीं, दूसरे पक्ष हीरालाल ने नीरज, सूरजपुत्रगण सोहन लाल, रामबहादुर पुत्र रामस्वरूप, पूसे पुत्र डोरीलाल, कप्तान और उसके पिता धनवीर, जमुना प्रसाद पुत्र ब्रजपाल, राजू और संजीव पुत्रगण रामस्वरूप, प्रेमशंकर पुत्तर मोतीराम, रामबहादुर पुत्र राधेश्याम के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें नीरज, धनवीर और रामबहादुर के गैरहाजिर होने पर गैर जमानती वारंट जारी कर बाकी सभी आठ को मुजरिम करार देते हुए एक-एक वर्ष की सजा और उन पर 18 हजार का जुर्माना डाला है।