फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास की आस को तरस रहा शेखूपुर 22-44-38

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला महाचौपाल
विज्ञापन

------------------------
फोटो-52,53,54,54

सड़कों पर कूड़ा मिले तो समझिए पहुंच गए शेखूपुर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
मिश्रित आबादी वाला कस्बा शेखूपुर आज भी विकास को तरस रहा है। सड़कों पर कूड़ा मिले तो समझिए आप यहां पहुंच गए।
बात चाहे जिले की ऐतिहासिक धरोहर को लेकर की जाए या चीनी मिल की। हर मायने में शेखूपुर की अनदेखी की जा रही है। टूटी सड़कें, बंद नाले, जगह-जगह गंदगी के ढेर शेखूपुर के पिछड़ेपन की दुर्दशा बयां करते हैं।
लगभग 25 हजार की आबादी वाले शेखूपुर की जनता कई अव्यवस्थाओं को झेलने को मजबूर है। शिक्षा, पीने का पानी, टूटी सड़कें, गंदगी के ढेर यहां की मुख्य समस्याएं हैं। बात अगर ऐतिहासिक महत्व की हो तो भी समस्या कम नहीं है। वैसे तो मकबरा इकलास खां, मकबरा मखइया पुरातत्व विभाग में दर्ज है। इसके बावजूद इन इमारतों के संरक्षण के लिए कोई विशेष बंदोबस्त नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम प्रधान अनीशा बेगम के मुताबिक उनके पास जितना भी बजट है उससे हर संभव कोशिश कर रही है कि गांव की सभी पक्की सड़कें बनाई जाएं। जिससे गंदगी एवं जलभराव से निजात मिल सके, लेकिन उनके पास सब कामों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। लोगों ने अपने पैसों से घरों में शौचालय बनवाए हैं। कर्मचारियों के नियमित सफाई न करने के कारण गंदगी की वजह से संक्रमित बीमारियां फैलने का हमेशा खतरा बना रहता है। अनीशा बेगम ने बताया कि चुनाव के बाद से आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने पलटकर तक नहीं देखा। विकास कार्य जस के तस पड़े हुए हैं। लोगों की पिछली सरकार में आ रही समाजवादी पेंशन भी बंद हो चुकी है। लोगों के राशन कार्ड न बन पाने के कारण लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। वहीं गांव के जगदीश साहू, अंसार हुसैन ने बताया कि हमने छह महीने पहले राशन कार्ड बनवाने को दिए थे, लेकिन अब तक नहीं बने। जिससे राशन नहीं मिल पाता। लोगों को शौचालय का पैसा नहीं मिल पा रहा है, अब भी अधिकतर लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
-----------
वर्जन-
ग्राम प्रधान अनीशा बेगम ने बताया कि चुनाव के बाद से यहां कोई नहीं आया, समस्याएं भी बहुत हैं। विधायक को भी यहां कुछ विकास के लिए कार्य कराने चाहिए।
-------
कुल आबादी- 25,000
वोटर- 12,600
हिंदू आबादी- 52 फीसदी
मुस्लिम आबादी- 48 फीसदी
शौचालय- 70 फीसदी
सीसी रोड- 30 फीसदी
लोहिया आवास- 165
इंदिरा आवास- 100
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें