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आलू-सरसों को नुकसान, गेहूं के बुरे दिन शुरू

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potao - फोटो : आलू
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तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से कहीं खुशी-कहीं गम का माहौल
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आलू-सरसों को नुकसान, गेहूं को लेकर भी किसान चिंतित
दिन ढलते ही उड़ी सरसों उत्पादकों के चेहरे की रंगत
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
रविवार शाम तेज हवाओं के झोंकों के साथ हुई बारिश ने सरसों और आलू उत्पादकों के चेहरे की रंगत उड़ा दी। कई इलाकों में तेज हवा से सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई। गेहूं की फसल पकने की ओर होने के दौरान मौसम बिगड़ने से किसान ज्यादा चिंतित हैं।
शाम करीब छह बजे अचानक आंधी की तरह चली तेज हवाओं ने अन्नदाता के दिल की धड़कनें तेज कर दीं। सरसों की फसल का करीब 60 फीसदी रकबा अभी कटाई को तैयार है। दानों से भरी बालियां की वजह से झुके सरसों के पौधे बूंदाबांदी और हवा के झोंकों से जमीन पर बिछने लग गए। सबसे ज्यादा नुकसान भी सरसों को हुआ है। किसानों ने आलू की खुदाई का काम भी रोक दिया। फिलहाल खेतों में पानी नहीं भरा है लेकिन अगर बरसात तेज हुई तो खेत में ही आलू सड़ जाएगा। आलू की खुदाई भी 30 फीसदी से अधिक नहीं हो पाई है। दलहन में मटर और मसूर भी संकट में है। गेहूं को नुकसान की आशंका इसलिए है कि बरसात तेज होते ही वह भी जमीन पर गिर जाएगा।
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ओले गिरे तो होगा सभी फसलों का नुकसान
उझानी। फरवरी के शुरू और मार्च महीने के अंत में अगर मौसम का मिजाज बदले तो सबसे ज्यादा आशंका ओलावृष्टि की रहती है। पिछले दिनों बूंदाबांदी के दौरान ओलों की बौछार ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था। जानकारों की माने तो फिर से ओलावृष्टि हुई तो गेहूं के साथ सरसों, मटर और आलू को भी नुकसान से बचाया नहीं जा सकता। सब्जियों का राजा तो दगीला हो जाएगा।
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हे भगवान, रहम करो
बेमौसम बरसात शुरू होने से परेशान किसानों में देवरमई के प्रधान अहवरन सिंह ने बताया कि गेहूं, सरसों और आलू के भविष्य पर इस समय संकट का दौर चल रहा है। आसमान से आफत बरसी तो नुकसान किसानों को ही होगा। फसल तभी बचेगी जब भगवान रहम करें।
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नुकसान से बचना मुश्किल
बमनौसी निवासी किसान सत्यवीर यादव का कहना है कि इस बार फसलें अच्छी हुईं है लेकिन पकने से पहले ही बरसात शुरू हो जाने से अब तो नुकसान से बच पाना मुश्किल हो गया है। एक-दो दिन और मौसम खराब रहा तो सरसों समेत आलू को ज्यादा नुकसान होगा।
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वर्जन
मौसम अभी और भी बिगड़ सकता है। बरसात तेज होने से गेहूं को उसी स्थिति में ज्यादा नुकसान होगा जब हवा भी तेज चले। सरसों और आलू ज्यादा प्रभावित हुआ है। सब्जी फसलें अब तक सुरक्षित हैं। वैसे, आलू उत्पादक खेतों से बरसाती पानी के निकास का अभी से बंदोबस्त शुरू कर दें।
- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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