उझानी (बदायूं)। श्रीमद्भागवत कथा के बाद सोमवार को घट विसर्जित करते वक्त गंगा में डूबे कासगंज जिले के दो युवकों में से भूपेंद्र सिंह का शव दूसरे दिन मंगलवार को गोताखोरों ने खोज निकाला। जबकि शिवम का अब सुराग नहीं लग पाया है। गोताखोरों ने उसकी तलाश में कई स्थानों पर जाल डालकर अभियान चलाया। पोस्टमार्टम कराए बगैर घरवाले भूपेंद्र का शव लेकर चले गए हैं।
गंगा में डूबे दोनों युवकों की तलाश में जुटे गोताखोरों और उनके घरवालों को भूपेंद्र का शव मंगलवार को सुबह करीब नौ बजे पुल के पास ही गहराई वाले स्थान पर मिला। गोताखोरों ने पुल के पिलर के नजदीक जाल डालकर घेर लिया था। शव मिलते ही भूपेंद्र का पिता गजराज और छोटा भाई पवन गश खाकर गिर पड़े। पवन अपने पिता की संतानों में सबसे बड़ा था। गजराज ने बताया कि हादसे के दौरान पवन भी भूपेंद्र के नजदीक था लेकिन उसे भूपेंद्र के डूब जाने की भनक नहीं लग पाई। भूपेंद्र के साथ डूबे शिवम की तलाश के लिए उसके घरवाले कछला गंगाघाट पर जमे हुए हैं। वह अपने साथ सोरों से गोताखोरों को भी बुलाकर लाए लेकिन वह भी शिवम का सुराग लगाने में नाकाम रहे।
मृतक भूपेंद्र के घरवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया। कछला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया कि घरवालों से कहा गया कि वह पंचनामे की कार्रवाई पूरी करा लें लेकिन वह नहीं मानें। घरवालों ने शव का गांव पहुंचकर अंतिम संस्कार कर दिया। बता दें कि कासगंज जिले के ढोलना थाना क्षेत्र के गांव फिरोजपुर सिंगोला में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ था। अगले दिन सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कई महिला-पुरुष घट विसर्जन के लिए गंगाघाट पर पहुंचे थे। उसी दौरान शिवम और भूपेंद्र डूब गए थे। चौकी इंचार्ज का कहना है शिवम की तलाश के लिए पंखियानगला के एक दर्जन गोताखोरों को गंगा में उतारा गया है।
--
तीन पिलर के पास है 20 फुट तक गहराई
उझानी। गंगा में जलस्तर फिलहाल काफी कम है लेकिन कासगंज जिले की ओर वाले घाट से जुड़े तीन पिलर से सटे इलाके में काफी गहराई है। मंगलवार को गोताखोरों ने गहराई का आकलन किया तो छड़ करीब 20 फुट अंदर तक चली गई। घाट पर मौजूद लोगों की मानें तो अब तक हुए हादसों में ज्यादातर की जान इन्हीं तीनों पिलर के आसपास स्नान करने के दौरान गई। हादसे होने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग ने डेंजर जोन को चिह्नित कर उस इलाके में संकेतक लगवाने की भी जरूरत महसूस नहीं की।