बिल्सी विधायक हरीश शाक्य समेत 16 लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में शहर की ही एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान एक आरोपी का नाम सामने आने पर शामिल किया। पुलिस की जांच में सामूहिक दुष्कर्म का मामला झूठा पाया गया। इस पर 13 लोगों पर लगे आरोप झूठे निकले हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उझानी के मनोज गोयल समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराना और भय दिखाकर अपराध करने के आरोप में चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अदालत के आदेश पर बिल्सी से भाजपा विधायक हरीश शाक्य, उनके भाई समेत 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें विधायक समेत चार के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। मुकदमें बताया था कि विधायक उसकी 20 बीघा जमीन को हड़पना चाहते हैं। 17 सितंबर वर्ष 2024 को वह विधायक के कैंप कार्यालय पर गई, जहां विधायक समेत चार लोगों ने दुष्कर्म किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने आरोपों की जांच की। सभी आरोपियों की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाली गई। इसके साथ ही वादी व उनके परिवार के लोगों की भी लोकेशन को विवेचना का आधार बनाया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस दिन सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई है। उस दिन विधायक समेत अन्य आरोपी कैंप कार्यालय ही नहीं, बल्कि बदायूं शहर में ही नहीं थे। उनके सभी मोबाइलों की लोकेशन भी बदायूं शहर में नहीं पाई गई। इसके अलावा पीड़िता की भी लोकेशन उस दिन घटनास्थल पर नहीं निकली। वह उस दिन गांव भूड़ा भदरौल में थी। इसके साथ कॉल डिटेल के आधार पर जांच में पता चला कि विधायक की तरफ से वादी को कोई भी कॉल नहीं की गई थी। इन सभी साक्ष्यों को आधार मानकर पुलिस ने बिल्सी विधायक समेत 13 आरोपियों को चार्जशीट में आरोप मुक्त किया है।
पुलिस की चार्जशीट में यह रहे आरोपी
पुलिस ने मुकदमे में नामजद आरोपी उझानी के नारायणगंज निवासी मनोज कुमार गोयल, दिनेश, विपिन और पवन पुत्र जवाहर उपाध्याय निवासी शासनी गेट जिला हाथरस के खिलाफ कोर्ट में फर्जी तरीके से जमीन खरीदने (धोखाधड़ी) और दबाब बनाकर अपराध करने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की है। वादी की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में पवन का नाम शामिल नहीं था। लेकिन पुलिस की विवेचना में पवन का नाम प्रकाश में आया। उसके नाम की मुकदमें में बढ़ेत्तरी कर चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक इन आरोपियों ने पीड़िता से एक जमीन का एग्रीमेंट कराया था। जबकि पीड़िता के नाम पर कोई जमीन नहीं थी।
मुकदमे में विधायक समेत ये थे नामजद
अदालत के आदेश पर दर्ज हुए मुकदमे में बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, इनके भाई सतेंद्र व धर्मपाल शाक्य, भतीजा ब्रजेश कुमार शाक्य निवासी कादराबाद, हरीशंकर व्यास निवासी जालंधरी सराय थाना सदर कोतवाली, अनेग पाल निवासी आवास विकास बदायूं, आनंद प्रकाश अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल राधेश्याम एनक्लेव सिविल लाइंस बरेली, मनोज कुमार गोयल नारायणगंज उझानी, शैलेंद्र कुमार सिंह पंजाबी कालोनी नारायणगंज उझानी, हरीशचंद्र वर्मा निवासी डीएम रोड प्रेम नगर बदायूं, विपिन कुमार बाहरचुंगी बदायूं, चंद्रवती, दिनेश कुमार, रामपाल, दिनेशचंद्र नामजद थे।