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Budaun News: एक साल में 13 आपराधिक गैंग नए बने, जिले में कुल 193 सक्रिय

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एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह
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बदायूं। जिले की बढ़ती आबादी के साथ ही अपराधों का ग्राफ भी लगातार ऊपर जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड इसका साफ संकेत दे रहा है। बीते एक वर्ष के भीतर जिले में 13 नए आपराधिक गैंग सक्रिय हुए हैं। इसके बाद कुल गैंगों की संख्या बढ़कर 193 हो गई है। यह आंकड़ा जिले में अपराधियों की सक्रियता और उनके संगठित नेटवर्क का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सक्रिय गैंग में गोकशी से जुड़े अपराधियों के 85 गैंग हैं, जो किसी भी एक श्रेणी में सबसे अधिक हैं। प्रदेश सरकार लगातार गोकशी पर सख्ती की नीति पर जोर देती रही है, जिसे अमल में लाने के लिए बदायूं पुलिस भी लगातार दबिशें दे रही है। बावजूद इसके इस श्रेणी में अपराधियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एक साल पहले जिले में 180 आपराधिक गैंग मौजूद थे। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 193 हो गई है, जो अपराध के बढ़ते विस्तार की ओर इशारा करती है। शातिर अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस सक्रिय गैंग पर निगरानी बढ़ा रही है। जिले में इस समय चार इनामी बदमाश भी सक्रिय हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम है। पुलिस टीमें इनके पकड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। जिले में इस समय करीब 32 लाख की आबादी है। (संवाद)
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मंडल से लेकर राज्यस्तर तक सक्रिय गैंग
जिले में सक्रिय गैंग सिर्फ छोटे स्तर तक ही सीमित नहीं हैं। इनमें मंडल स्तर से लेकर राज्यस्तर के खतरनाक अपराधी भी शामिल हैं। ये आपराधिक नेटवर्क जिले से लेकर आसपास के जिलों और कभी-कभी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। इन गैंग के सदस्य लूट, चोरी, डकैती, अपहरण, अवैध शराब, जुआ, तस्करी, बाइकर्स गैंग, अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त समेत कई गंभीर वारदातों में शामिल पाए गए हैं।

विभिन्न श्रेणियों में सक्रिय आपराधिक गैंग
गोकशी – 85
लूट – 27
अपहरण – 7
डकैती – 7
अवैध शस्त्र – 7
मादक पदार्थ तस्करी – 5
अवैध शराब – 5
नकबजनी – 5
जुआ – 3
बाइकर्स गैंग – 2
धोखाधड़ी – 1
विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में – 8
इनामी बदमाश – 4
(ये आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हैं।)

पुलिस की बढ़ी जिम्मेदारी, बढ़ा दायरा
इतनी बड़ी संख्या में गैंग का सक्रिय होना जिले के लिए चिंता का विषय है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, वारंटियों पर कार्रवाई, साइबर निगरानी, संदिग्धों की प्रोफाइलिंग और नियमित चेकिंग अभियान के माध्यम से पुलिस संगठित अपराध को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
स्थानीय पुलिस का मानना है कि अपराधियों की पहचान कर गैंग को पंजीकृत करने से उनकी गतिविधियों पर निगरानी और गिरफ्तारी आसान होती है। ऐसे में पुलिस अब हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखते हुए अपराधियों पर लगाम कसने के लिए सक्रिय है।


अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस समय 193 आपराधिक गैंग जिले में सक्रिय हैं। अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई करती रहती हैं। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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