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अमेरिका से प्रशांत को मिला सिल्वर प्ले बटन का पुरस्कार

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फोटो- 02 बीडीएनयूजेएचपीएच-01
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अमेरिका से प्रशांत को मिला सिल्वर प्ले बटन का पुरस्कार
यू-ट्यूब पर कार्टून अपलोड कर उझानी के लाल ने किया कमाल
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। मंजिल तय कर आगे बढ़ा जाए तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही 19 साल के प्रशांत कुमार मिश्रा ने कर दिखाया। एक शिशु मंदिर में पढ़ाने वाले आचार्य के बेटे का रुझान कार्टून की ओर बढ़ा तो उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। प्रशांत ने यू-ट्यूब पर पहला कार्टून का पहला वीडियो दिसंबर-17 में लोड किया। इसके बाद सिलसिला आगे बढ़ा तो कद्रदान भी जुड़ते गए। नतीजा यह रहा कि प्रशांत को यू-ट्यूब के पहले स्टेज का पुरस्कार सिल्वर प्ले बटन के रूप में मिल गया।
प्रशांत किलाखेड़ा मोहल्ला निवासी आचार्य राकेश कुमार मिश्रा का सबसे छोटा बेटा है। शुरू में दोस्तों के साथ फनी वीडियो बनाने के शौक ने प्रशांत को कार्टून की ओर डायवर्ट कर दिया। इसके बाद तो प्रशांत ने कार्टून बना-बनाकर यू-ट्यूब पर लोड करने शुरू कर दिए। पहला वीडियो उसने चार दिसंबर-17 को यू-ट्यूब पर लोड किया। पहले वीडियो से ही सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ती गई। प्रशांत अब तक करीब 22 वीडियो लोड कर चुका है। ऐसा कोई भी वीडियो नहीं है जो कद्रदानों ने पसंद नहीं किया हो। यू-ट्यूब पर उसके सब्सक्राइबर की संख्या बढ़कर कर एक लाख पहुंची तो यू-ट्यूब ने प्रशांत को सिल्वर प्ले बटन पुरस्कार के लिए चुन लिया गया।
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सिल्वर प्ले बटन पुरस्कार पिछले महीने अमेरिका से प्रशांत के पास पहुंचा। हालांकि उसके सब्सक्राइबर की संख्या करीब दो लाख पहुंच गई है। प्रशांत के सभी वीडियो को अब तक करीब दो करोड़ लोग देख चुके हैं। सिलसिला बरकरार रहा तो वह गोल्डन प्ले बटन तक भी पहुंच जाएगा। आठ महीने में सिल्वर प्ले बटन की उपलब्धि हासिल करने वाले प्रशांत को उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकार्ड में भी शामिल कर लिया गया है। जल्द ही प्रशांत के कार्टून वीडियो टीवी पर भी नजर आने लगेंगे। पुरस्कार मिलने से खुश प्रशांत ने इसका श्रेय अपने परिवार को भी दिया। मां नीलम मिश्रा और भाई इंजीनियर पुनीत का भी पूरा सहयोग मिला।
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