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जीएसटी को लागू हुए एक साल पूरा, पर व्यापारी अभी भी उलझन में

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जीएसटी लागू हुए एक साल पूरा, पर व्यापारी अब भी उलझन में
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पूरे साल असमंजस में रहे छोटे और मझोले व्यवसायी, कारोबार पर भी पड़ा असर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को लागू हुए एक साल हो चुका है। बड़े व्यापारी जीएसटी को लाभ के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि जीएसटी लागू होने से व्यापार में काफी हद तक सुधार आया है। मगर छोटे और मझोले व्यापारी अब तक इसको पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। इस कारण उन्हें व्यापार करने में दिक्कत आ रही हैं। इस वजह से कारोबारियों के लिए पूरा साल चुनौतियों और आशंकाओं के बीच गुजरा है। इसका सीधा असर व्यापार पर भी पड़ा है।
जीएसटी के एक साल के सफर की बात करें, तो व्यापार और व्यापारियों के नजरिए से यह साल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। इसके लागू होने से पहले व्यापारियों के बीच ऊहापोह वाली स्थिति बन चुकी थी। शुरुआती तीन महीने तो व्यापारियों के लिए बेहद पीड़ादायक रहे। उसकी मुख्य वजह थी कि एक नई प्रणाली, जिसने अब तक का सारा टैक्स सिस्टम ही बदल कर रख दिया क्योंकि जीएसटी नियमों के तहत औपचारिकताएं और उनका अनुपालन बेहद जरूरी था। इसकी वजह से समस्त व्यापारी वर्ग खासतौर से छोटे और मझोले व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन समय के साथ सरकार ने व्यापारियों की दिक्कत को समझा और कई स्तर पर नियमों में फेरबदल करते हुए व्यापारियों को राहत पहुंचाई। हालांकि अब भी कुछ व्यापारी वर्ग को जीएसटी को लेकर बेहद परेशानी है। जबकि कुछ प्रतिशत व्यापारी वर्ग अब जीएसटी सिस्टम में रम गया है और वह अब काफी सुकून महसूस कर रहा है।
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ब्रांडेड चीजें हुई सस्ती
जीएसटी लागू होने के बाद से सभी ब्रांडेड चीजों के दाम में गिरावट आयी है। इसमें कुछ कंपनियों ने अपने सभी उत्पादों पर करीब पांच से सात प्रतिशत तक की छूट दी है। वहीं ब्रांडेड शैंपू पर करीब 20 से 25 प्रतिशत तक की छूट दी गई है तो कॉस्मेटिक के उत्पादों पर चार से पांच प्रतिशत की छूट।
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ऐसे करें नए व्यापारी अपना रजिस्ट्रेशन
नए व्यापारी सबसे पहले जीएसटी डॉट जीओवी डॉट इन पर लॉग ऑन करें। इसके बाद में जब वेबपेज खुल जाए, तो मेन्यू पर जाकर सेवा पर क्लिक करें। आपके पास तीन विकल्प दिखेंगे। जैसे पंजीकरण, भुगतान और उपयोगकर्ता सेवाएं। इसके बाद में पंजीकरण पर क्लिक करें और नया पंजीकरण चुनें। इसके बाद में अपना विवरण भरें। इसके बाद में एक ओटीपी पासवर्ड आएगा। उसे डालने के बाद में कुछ दस्तावेज अपलोड करने होंगे। जिसके बाद आपको ईमेल या एसएमएस के माध्यम से आवेदन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। तब आपके आवेदन को जीएसटी अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा।
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25 सौ व्यापारियों ने कराया रजिस्ट्रेशन
जीएसटी लागू होने के बाद से लगातार व्यापारी रजिस्ट्रेशन कराते जा हैं। अब तब जिलेभर से लगभग 2500 व्यापारियों ने जीएसटी में अपना पंजीकरण कर लिया है। साथ ही जीएसटी नंबर भी ले लिया है।
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क्या बोले व्यापारी
जीएसटी से मिली करोबार को उड़ान
जीएसटी लागू होने से काफी फायदे हुए हैं। पहले दिल्ली से यूपी के अंदर सामान लाना अपराध माना जाता था। चेकिंग के नाम पर व्यापारियों को बेवजह परेशान किया जाता है लेकिन जब से जीएसटी लागू हुई है, तब से महाराष्ट्र हो या दिल्ली कोई दिक्कत नहीं हो रही है। जो चोरी करना चाहते हैं, उन्हें तो जीएसटी से परेशानी होगी ही।
-राधेश्याम, व्यापारी
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उलझने में पड़े व्यापारी
जब शुरू में जीएसटी आया था, तब लोगों को बेहद परेशानी हुई। क्योंकि किसी भी नई चीज को समझने में सभी को समय लगता है। क्योंकि यह लोगों के व्यापार से जुड़ा हुआ मामला है। इसलिए लोग व्यापारियों को इसे समझने में समय लगा। जिसे समझ में आ गया, उसके लिए तो जीएसटी बेहतर है और जिन व्यापारियों को समझ में नहीं आया उनके लिए अभी इसमें काफी परेशानी है।
-संजीव गुप्ता, व्यापारी
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क्यों बोले लोग
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आम आदमी को नहीं पता कितना दे रहे टैक्स
इससे आम लोगों को केवल नुकसान हुआ है। अभी यहीं नहीं पता है कि किस पर कितना प्रतिशत टैक्स जा रहा है। जो व्यापारी बोलता है उसी को सही मानते हुए भुगतान कर देते हैं। लोगों को जीएसटी के नाम पर लूटा जा रहा है।
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-सचिन यादव
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व्यापारी उठा रहे लाभ
पहले सुनने में आया एक देश एक जीएसटी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब तो हर वस्तु पर जीएसटी अलग लग रही है। कहीं 10 से 15 तो कहीं 24 प्रतिशत तक जीएसटी लागू की गई है। जिसका फायदा बड़े व्यापारी उठा रहे हैं। जनता तो केवल पिस रही है।
-मनीश केसरी

वर्जन--
अब तक लगभग 25 सौ व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। साथ ही लगातार व्यापारी वर्ग रजिस्ट्रेशन करा रहा है। इससे व्यापारियों को फायदा है।
-महेश चंद्र गंगवार, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग
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