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निरंतर अच्छे काम का रिजल्ट है बदायूं का सूबे में अव्वल आना: डीएम
अच्छे अधिकारी-कर्मचारी होते हैं सम्मानित तो लापरवाहों पर कार्रवाई बोले-जब उन्होंने संभाला था चार्ज तब था जिले का 53 वां स्थान...अब प्रथम
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। विकास कार्यों में सूबे में बदायूं के अव्वल रहने पर डीएम दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि उनकी सभी अधीनस्थ अफसरों को हिदायत है कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ जनशिकायतों को निस्तारण करें। शासन की मंशा के अनुरूप ही विकास कार्य धरातल पर नजर आएं। फर्जी आंकड़े देने वालों को किसी हाल में बख्शा भी नहीं जाएगा। बोले-विकास कार्यों की गलत जानकारी देने पर तीन कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन भी लिया गया है, तो अच्छे अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि जिस समय वह यहां आए थे तब विकास कार्यों के क्षेत्र में बदायूं सूबे में 53 वें स्थान पर था। इसके बाद से लगातार सुधार हुआ है। अप्रैल माह में सूबे में छठे नंबर पर था तो मई में पहले पायदान पर पहुंच गया। डीएम ने बताया कि वह चाहते हैं कि अधिकारी-कर्मचारी बिना किसी डर के काम करें। तभी उसके परिणाम अच्छे आएंगे। शासन की जो भी योजनाएं हैं उनका लाभार्थियों को लाभ दिया जाए। साथ ही किसी भी तरह की शिकायत आती है तो उसकी जांच कर उसे दूर किया जाए। यह उनकी पहली प्राथमिकता रहती है।डीएम ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी आज पूर्ण मनोयोग से अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं जिसका रिजल्ट आम जनता के सामने है।
डीएम ने बताया कि गलत सूचना देने पर एक लेखपाल और दो बिजली महकमे के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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बेसिक शिक्षा के सुधार को किए हैं सार्थक प्रयास
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जब से जिले में कमान संभाली हैं तब से शिक्षा की मूलजड़ बेसिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार को सार्थक प्रयास किए हैं। पहली बार शिक्षकों को अच्छे कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।
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दक्षता परीक्षा का बज रहा है सूबे में डंका
डीएम ने कहा कि बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए परिषदीय स्कूलों के मेधावी बच्चों को आगे लाने को जिले में दक्षता परीक्षा आयोजित कराई। उनकी पहल पर शुरू हुई दक्षता परीक्षा के सफल बच्चों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को समारोहपूर्वक सम्मानित किया गया। एक तौर पर दक्षता परीक्षा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देखी जा रही है सो सरकार चाहती है कि सूबे के बाकी जिलों में भी यह परीक्षा आयोजित की जाए। ताकि बेसिक शिक्षा में और सुधार हो सके।