बदायूं। जिला जेल के अस्पताल में रोगियों की भरमार है। पेट की खराबी और टीबी के मरीज बहुतायत में हैं। सीएमओ ने गुरुवार को निरीक्षण किया तो टीबी के मरीजों को सामान्य रोगियों से अलग रखकर बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। अस्पताल में एक नियमित डॉक्टर और बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
सीएमओ डॉ. नेमीचंद्रा ने गुरुवार को जिला जेल के अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां 33 बेड के सापेक्ष 24 बंदी भर्ती थे। इनमें से चंदन नाम के बंदी ने जेल के खाने से पेट में दिक्कत की शिकायत की। सीएमओ ने देखा कि सामान्य मरीजों के साथ ही तीन एचआईवी पीड़ित और तीन टीबी के मरीज भर्ती थे। सीएमओ ने टीबी मरीजों को मास्क उपलब्ध कराने का चिकित्सक डॉ. नवनीत कुमार को निर्देश दिया, साथ ही अलग वार्ड में रखने के लिए कहा। ऑक्सीजन सिलेंडर इमरजेंसी टेबल से दूर रखने पर भी नाराजगी जताई। सीएमओ ने खाना और आरओ का पानी भी चेक किया। सीएमओ ने बताया कि 26 दिसंबर को जेल अस्पताल में एक चिकित्सा कैंप लगाया गया था। इसमें आंख के डॉक्टर नहीं आने से संबंधित मरीजों को लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने सीएमएस को जेल में नेत्र रोग विशेषज्ञ भेजने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि शासन से कुछ डॉक्टर बदायूं जिले को मिलने जा रहे हैं। इनमें से एक डॉक्टर जेल अस्पताल को नियमित रूप से दे दिया जाएगा। एक डॉक्टर पहले से यहां नियमित हैं। बताया कि समय-समय पर जरूरत के हिसाब से विशेषज्ञ भी यहां आते रहेंगे।
--------------
बच्चों की कम संख्या पर नाराजगी जताई
बदायूं। एमसीआई की टीम आने से पहले सीएमओ डॉ. नेमीचंद्रा ने जिला अस्पताल के बाल पोषण एवं पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि यहां केवल छह ही बच्चे भर्ती थे। सीएमओ ने सीएमएस डॉ. आरएस यादव और एनआरसी की टीम से इस बात पर नाराजगी जताई कि जिले में कुपोषित बच्चे होने के बावजूद उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा। उन्होंने डॉक्टरों की विजिट व स्टाफ की उपस्थिति का रिकार्ड भी चेक किया। कहा कि बच्चों को पोषित कर स्वस्थ बनाने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।