खराब होने से डर से कोटेदार पुराने स्टॉक को कर रहे हैं पहले खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लोगों को अनाज निशुल्क दिया जा रहा था। केंद्र सरकार ने यह योजना जनवरी माह में बंद कर दी। ऐसे में कोटे की दुकानों पर करीब 12 सौ क्विंटल चावल डंप पड़ा हुआ है, जो खराब हो सकता है, इसके डर से कोटेदार पहले पुराने स्टॉक को खत्म कर रहे हैं।
कोविड-19 के दौरान काेई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसको लेकर प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना का संचालन शुरू किया गया। इस योजना के तहत पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो चावल निशुल्क दिया जा रहा था।
जनवरी 2023 में इस योजना को बंद कर दिया गया। तब तक कोटेदार चावल उठा चुके थे। योजना पर रोक लगने के बाद कोटेदारों ने निशु़ल्क चावल का वितरण बंद कर दिया। तब से लेकर अब तक इस चावल के निस्तारण संबंधी कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। ऐसे में तहसील सदर और नगरीय क्षेत्रों के करीब 100 दुकानों पर 1200 क्विंटल चावल डंप पड़ा हुआ।
इधर, प्रदेश सरकार की ओर सस्ते दरों पर लोगोें को चावल, गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में कोटेदारों ने अपने स्तर से पहले पुराने स्टॉके के चावल को कार्ड धारकों को दे रहे हैं। डीएसओ रमन मिश्रा ने बताया कि पूरे प्रदेश में यह ही हालात है। उम्मीद है इस चावल के निस्तारण के संबंध में जल्द ही आदेश जारी हो जाएंगे।