बिसौली (बदायूं)। मिड-डे मील में खराब तहरी खाने से बुधवार को कस्बे के एक प्राथमिक स्कूल के 12 बच्चे बीमार हो गए। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जिनमें तीन बच्चों की हालत नाजुक है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों की हालत फूड प्वाइजनिंग की वजह से बिगड़ी।
खराब मिड-डे मील बांटे जाने पर बच्चों ने स्कूल में हंगामा भी किया था। इस घटना से अभिभावकों में आक्रोश है। क्षेत्र के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन की जिम्मेदारी एक नवंबर से स्वयंसेवी संस्थाओं को दे दी गई है। बिसौली कस्बे का प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में है। बुधवार को बच्चों को मिड-डे मील में तहरी बांटी गई।
प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापक प्रतिभा अग्रवाल के मुताबिक तहरी खराब थी जिससे उसमें बदबू आ रही थी। बड़े बच्चों ने तो तहरी खाने से इंकार कर दिया, जबकि छोटे बच्चों ने अनजाने में खराब तहरी खा ली। तहरी खाने के कुछ देर बाद 12 बच्चों के पेट में दर्द हुआ। हालत बिगड़ती देख बच्चों को फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर भर्ती कराया गया। इन बच्चों में शिवा, सपना, काजल, मुस्कान, आरती, अनुराधा को हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया, जबकि तीन बच्चों उवेश, आफ्ता बी और इरम बी की हालत स्थिर है। हालांकि चिकित्सक बच्चों की हालत खतरे से बाहर बता रहे हैं।
मिड-डे मील की खराब क्वालिटी को लेकर चार दिन पहले भी स्कूली बच्चों ने थाली-गिलास लेकर प्रदर्शन किया था। बावजूद इसके नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ जारी है। प्रधानाध्यापिका प्रतिभा अग्रवाल के मुताबिक उन्होंने इस घटना की सूचना बीएसए प्रेमचंद्र यादव को दे दी है। जिला समन्वयक (एमडीएम) हिना खान को भी सूचना दे दी गई। बच्चों को बांटी गई बदबूदार तहरी का सेंपल लिया गया है।
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बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के अनुसार बच्चों की हालत फूड प्वाइजनिंग की वजह से बिगड़ी थी। इलाज के बाद हालत ठीक होने पर सात बच्चों को घर भेज दिया गया। बाकी तीन बच्चों की हालत में भी सुधार है।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
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मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। मामला गंभीर है इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश कुुमार सिंह, डीएम
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बीएसए से मेरी दो-तीन बार बातचीत हुई थी। मगर मुझे ऐसा कोई मामला नहीं बताया गया। ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- शशि देवी शर्मा, एडी बेसिक
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बिसौली के प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम खाने से बच्चों के बीमार होने की बात गलत है। शासनादेश है कि मिड-डे मील बच्चों को देने से पहले संबंधित स्कूल के अध्यापक चखें। तहरी ठीक नहीं थी तो अध्यापकों ने बच्चों को खिलाई क्यों। बुधवार को यही तहरी 67 विद्यालयों में वितरित की गई थी, लेकिन वहां के बच्चों को कुछ नहीं हुआ। बिसौली प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने अन्य स्कूूलों में फोन करके खुद बताया। व्ह्टासऐप पर भी चलाया गया। ताकि एनजीओ से एमडीएम संचालन हटाकर विद्यालयों पर दोबारा आ जाए। यह एक सोची समझी रणनीति के तहत किया गया है।
- शिव कुमार, कोआर्डिनेटर