जिले में अनुपयोगी शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट आ चुका है। 12.50 लाख रुपये से 50 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि फिर भी तमाम ऐसे शौचालय रह जाएंगे, जो अनुपयोगी रहेंगे। इसके अलावा उसावां क्षेत्र के भी छह स्कूलों में शौचालयों का निर्माण नहीं हो सकेगा।
देहात क्षेत्र में बालिकाओं के साथ बढ़ती घटनाओं को लेकर शासन गंभीर है। इस कड़ी में शासन ने प्राथमिकता के तौर पर परिषदीय और जूनियर स्कूलों में भी ध्यान देना शुरू कर दिया है और शौचालय का निर्माण हर हाल में कराने के विभाग को निर्देश दिए। जिले के परिषदीय स्कूलों की स्थिति की बात करें, तो सैकड़ों स्कूलों में शौचालय की स्थिति खराब है। गंदगी के ढेर अक्सर देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं कहीं शौचालय क्रियाशील हैं, तो वहां पानी की व्यवस्था न होने के कारण उनका उपयोग बंद पड़ा है। इतना ही नहीं जिले के तमाम सुदूर क्षेत्रों में कुछ परिषदीय स्कूलों की हालत को बेहद खराब है। शौचालय खंडहर बन गए हैं। कई में उपले, कंडे पड़े रहते हैं। समय-समय पर इनकी शिकायतें भी आईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हर बार बजट न होने का बहाना कर दिया गया। इसी क्रम में भेजे गए बजट प्रस्ताव में इस बार 50 अनुपयोगी शौचालयों को स्वच्छ शौचालय बनाने के लिए बजट दिया गया है। 12.50 लाख रुपये से इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने बताया कि बजट आया है, जल्द ही इनका निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।