बदायूं। विकास कार्य न कराए जाने से नाराज कई गांवों में मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। उसावां ब्लाक के गांव तरसुरा के किसी भी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला। चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिए जाने के भी कोई प्रशासनिक आला अफसर मतदाताओं को समझाने नहीं पहुंचा।
उसहैत। मंगलवार की सुबह जब मतदान शुरू हुआ तो विकासखंड उसावां के गांव तरसुरा स्थित प्राथमिक स्कूल में बने बूथ पर कोई मतदाता मतदान करने को नहीं पहुंचा। काफी देर तक सन्नाटा रहा। बाद में पोलिंग पार्टी को पता चला कि गांव के लोगों ने सड़क, पानी के निकास, बिजली आदि के काम नहीं होने से नाराज होकर चुनाव का बहिष्कार का एलान कर दिया है। यह गांव आंवला लोकसभा के अंतर्गत आता है,जबकि विधानसभा शेखूपुर लगती है। बूथ से कुछ दूरी पर स्थित एक पेड़ के नीचे बैठे गांव वालों ने कहा कि गांव में सीसी रोड नहीं बनवाई गई है, जिसकी वजह से पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं है। थोड़ी बरसात होने पर गांव में जलभराव हो जाता है। नाले-नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की वजह से उनके गांव में समस्याएं खड़ीं हैं। मात्र चार घंटे ही बिजली मिलती है। इसी से खफा होकर उन्होंने चुनाव का बहिष्कार किया है। बोले-कोई अधिकारी भी उनसे मिलने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वे तब तक मतदान नहीं करेंगे जब तक उन्हें गांव के विकास के बारे में ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता। इस दौरान अवनेश कुमार सिंह, रामौतार शर्मा, रवेंद्र यादव, संतोष आदि मौजूद थे। इधर, बूथ पर तैनात पीठासीन अधिकारी राकेश कमार गुप्ता ने बताया कि बूथ पर 425 मतदाता हैं, लेकिन एक भी मतदाता वोट करने नहीं आया। पुलिस वाले भी पूरे समय बैठे रहे।
अलापुर में 11 बजे तक मतदान नहीं
अलापुर। गांव बरारा में कुछ वोट पड़ने के बाद मतदाताओं ने 11 बजे तक बहिष्कार रखा। गांव वालों का आरोप है मुख्य सड़क 250 मीटर के लगभग स्कूल तक खराब है। सड़क पर कीचड़ से बुरा हाल है। अनेक बार शिकायत करने के बाद भी किसी अधिकारी और नेता ने ध्यान नहीं दिया। चुनाव बहिष्कार की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे एसडीएम दातागंज और सीओ ने मतदाताओं को समझाया, तब कहीं जाकर फिर से मतदान शुरू हुआ।