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...अब 133 गेहूं क्रय केंद्रों पर होगी खरीद

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बदायूं। पिछली साल गेहूं खरीद में हुए घोटाले की वजह से इस बार एफसीआई समेत अन्य एजेंसियों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए थे, जिस वजह से इस बार शुरुआत में 88 केंद्र ही बन पाए थे। कम क्रय केंद्र बनने की वजह से किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अमर उजाला ने उनकी समस्याओं को उठाया था, जिसके बाद प्रशासन ने क्रय केंद्रों की संख्या को बढ़ाते हुए पिछली बार से भी 11 अधिक क्रय केंद्र खोलने का फैसला किया। इस प्रकार अब केंद्रों की संख्या 133 हो गई है।
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शासन की मंशा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए शासन ने एक अप्रैल से क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देेश दिए। इसके तहत जिला प्रशासन की पहल पर एक अप्रैल से गेहूं क्रय खुल गए, लेकिन इस बार क्रय केंद्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 34 कम रही और जिले में मात्र 88 केंद्र ही खुल सके। क्रय केंद्र कम होने की वजह से किसानों को अपनी उपज को बेचने में दिक्कत होती। किसानों की इस समस्या को उठाते हुए अमर उजाला ने प्राथमिकता से खबर को प्रकाशित किया। इस पर प्रशासन ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए क्रय केंद्रों को बढ़ाने का फैसला। एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह ने सभी क्रय एजेंसियों के साथ पिछले दिनों बैठक की। इसके बाद में पीएसीएफ ने अपने 20 केंद्र बढ़ा दिए, साथ ही अन्य एजेंसियों ने भी केंद्र बढ़ाए। इसके तहत 45 केंद्र बढ़ गए। अब केंद्रों की संख्या 133 हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 11 ज्यादा है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी।

तीन साल बाद यूपीएसएस ने खोले क्रय केंद्र
पिछले तीन सालों से जिले में यूपीएसएस (उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ) ने खरीद बंद कर रखी थी, लेकिन इस बार यूपीएसएस ने भी खरीद केंद्र खोलने का निर्णय किया है। हालांकि शुरू में उन्होंने कोई क्रय नहीं खोले, लेकिन इस बार क्रय केंद्रों की संख्या कम होने पर उन्होंने 21 क्रय केंद्रों को खोलने की सहमति जिला प्रशासन से व्यक्त की, जिसके बाद में उन्हें सेंटर खोलने की अनुमति दे दी गई।
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किसान जिले में कहीं भी बेच सकेंगे गेहूं
-जिला प्रशासन की ओर से पिछले साल गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए सेंटर निर्धारित कर दिए गए थे। इसके चलते उन गांवों के किसान केवल उन्हीं केंद्रों पर गेहूं बेच सकते थे, जो केंद्र उनके लिए निर्धारित किए गए थे। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बदायूं जिले में स्थित मंडी समिति को किसी भी तरह के बंधन से मुक्त रखा गया था। यहां पर जिले भर के किसान अपना गेहूं बेच सकते थे, लेकिन इस बार जिला प्रशासन की ओर से इस बंधन की अर्हता को खत्म कर दिया। अब किसान जिले में कहीं पर भी अपना गेहूं बेच सकता है।

क्रय केंद्र कम होने से किसानों को परेशानी हो सकती थी, जिसे देखते हुए केंद्रों की संख्या में इजाफा किया गया है। इस बार क्रय केंद्रों की संख्या पिछली बार से भी ज्यादा कर दी गई है, ताकि किसान आसानी से अपनी उपज को बेच सकें।
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-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम एफआर
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