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बुखार का कहर: जिले के तीन ब्लाक संवेदनशील घोषित
संयुक्त चिकित्सा निदेशक ने दूसरे दिन भी कई गांवों का किया निरीक्षण, दिए साफ-सफाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ मूसाझाग। जिले में बुखार के कहर को देखते हुए तीन ब्लॉकों जगत, समरेर और दातागंज को संवेदनशील घोषित कर दिया है। दिल्ली से आए संयुक्त चिकित्सा निदेशक आरके मिश्रा ने गुरुवार दूसरे दिन भी बुखार से ग्रसित कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने बुखार पीड़ितों से बातचीत और उन्हें उचित इलाज के साथ सरकारी हैंडपंप का पानी पीने को कहा। मृतकों के परिवार वालों से बुखार की वजह जानने की कोशिश की। गुरुवार को संवेदनशील ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों से पानी के सैंपल और लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
संयुक्त चिकित्सा निदेशक डॉ. आरके मिश्रा गुरुवार सुबह सिकलापुर गांव पहुंचे। वहां उन्हें कई लोग बुखार से पीड़ित मिले। इसके बाद उन्होंने महरौली गांव का दौरा किया। दोपहर के समय ग्राम मनिकापुर कौंर का निरीक्षण किया। जहां जगह-जगह जलभराव मिला और नालियों में गंदगी की भरमार मिली। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र के सामने जलभराव देखते हुए उन्होंने तुरंत ग्राम प्रधान को बुलाया। साथ ही उससे कहा कि वह जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केंद्र का जलभराव खत्म कराएं। उस पर मिट्टी डलवाएं। उनके मनिकापुर कौंर गांव पहुंचने से पहले चार लोगों की मौत हो चुकी थी। एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार हो गया था। तीन लोगों के शव उनके घरों पर रखे थे। संयुक्त चिकित्सा निदेशक ने मृतकों के परिवार वालों से बात की। उनसे बुखार आने से लेकर दवा दिलाने और मौत होने तक के बारे में बात की। इस दौरान ग्रामीणों ने वही जानकारी दी, जिस तरह बुखार ने लोगों को अपनी चपेट में लिया। कुछ ग्रामीणों ने आशा और आंगनबाड़ी से लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पर सवाल उठाए। इस पर उन्होंने कहा कि वह निरीक्षण करने के साथ-साथ बुखार फैलने की जांच भी कर रहे हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की जो लापरवाही सामने आई है। उसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद ही लापरवाह टीम या अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। मनिकापुर कौंर के बाद उन्होंने मौसमपुर गांव के हालात देखे।
बुधवार सुबह से इलाके में भ्रमण कर रहे संयुक्त चिकित्सा निदेशक डॉ. आरके मिश्रा ने जगत, समरेर और दातागंज विकास खंड क्षेत्र के सभी गांव संवेदनशील घोषित कर दिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं ब्लाक क्षेत्रों में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई हैं। सबसे अधिक लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। तीनों ब्लाक क्षेत्रों के करीब तीन सौ लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। कई गांव से पानी के भी सैंपल लिए गए, जिनका लखनऊ लैब में परीक्षण होगा। उसके बाद ही बीमारी की असली वजह पता चलेगी।
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पानी और गंदगी मानी बीमारी की वजह
जिन इलाकों में या गांव में बुखार से लोग तड़प रहे हैं। उन गांव में बुखार पनपने की वजह अशुद्ध पानी और गंदगी बताई गई है। संयुक्त चिकित्सा निदेशक ने बताया कि अब तक पानी और गंदगी ही बुखार आने की वजह है। बाकी पानी का टेस्ट करने के बाद ही पता चलेगा।
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बुखार की चपेट में आए महिलाएं और बच्चे
उझानी। गठौना में गांव में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण रिजवान (36), नेत्रपाल कश्यप की 28 वर्षीय पत्नी नन्ही देवी, पड़ोस की महिला मुन्नी (36), इस्माइल (35) और नजमा (32) भी बुखार की चपेट में है। नेत्रपाल ने बताया कि गांव में छह-सात बच्चे भी बीमार हैं। इधर, चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने बताया कि गांव में तीन मरीज मिले थे लेकिन उनकी हालत ठीक है। --------------
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एक व्यक्ति की मौत, पूजा से लेकर अमिताभ बच्चन तक बीमार
दबतोरी/ आसफपुर। आसफपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम बीधा नगला में बुखार आने से 48 वर्षीय भूदेव पुत्र भीकम की मौत हो चुकी है। वहीं गांव के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। इस समय गांव में बुखार से कोहराम मचा हुआ है। वहीं दबतोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज की कोई सुविधा नहीं है। इससे झोलाछाप के यहां मरीजों की लाइन लगी है। इस समय गांव में 38 वर्षीय शकीना पत्नी जुल्फिकार, धारा सिंह (24), उमेश (25), नेमचंद (30), बीरु (10), कल्लू (60), अमिताभ बच्चन (30), हरपाल (25), राजपूत (26), जयकुमारी (18), लवी (10), चकोरी (4), पूजा (15), रवेंद्र (42), कन्यावती (22) आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा ललुआनगला, दबतोरी, लक्ष्मीपुर, संग्रामपुर, ततारपुर में सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में है। आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बीधानगला गांव जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों का इलाज करेगी।
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अफसरों को नजरंदाज करने और लापरवाही पर नपे सीएमओ
बदायूं। जिले में बाढ़ आने के साथ बुखार का जबरदस्त प्रकोप है। बावजूद इसके सीएमओ डॉ. आशाराम छुट्टी पर चले गए। डीएम दिनेश कुमार सिंह से छुट्टी पर जाने की अनुमति भी नहीं ली। इससे पहले भी वह डीएम को बगैर बताए छुट्टी पर जाते रहे। सीएमओ की लापरवाही से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चौपट होती जा रही थीं। डीएम के निर्देश के बावजूद सीएमओ ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली। बुखार से लोगों की मौत हुई तो डीएम एक्शन मूड में आ गए। उन्होंने सीएमओ के खिलाफ शासन को डीओ लेटर लिख दिया। उधर, दातागंज तहसील क्षेत्र में बुखार से लोग मरे तो विधायक राजीव सिंह उर्फ बब्बू भइया का मूड भी बिगड़ गया। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ से फोन पर सीएमओ की शिकायत की। अमर उजाला में छपी बुखार संबंधी खबरों की कटिंग भी भेजी गई। शासन ने बुधवार को संयुक्त चिकित्सा निदेशक डॉ. आरके मिश्रा को बदायूं भूजा गया। उन्होंने बुखार पीड़ित गांवों का दौरा करने के साथ सीएमओ को तुरंत ग्रामीण इलाकों में छिड़काव कराने, दवा वितरित कराने और ब्लड की जांच कराने के निर्देश दिए। आरोप है कि संयुक्त चिकित्सा निदेशक के आदेश को सीएमओ ने हवा में उड़ा दिया। संयुक्त चिकित्सा निदेशक ने भी बुधवार शाम सीएमओ की लापरवाही की रिपोर्ट शासन को भेजी थी।