बदायूं। परिवहन निगम के बेडे से 115 बसें महाकुंभ मेले में गई हैं। ऐसे में मात्र 66 बसों के सहारे ही जिले के 15 हजार यात्री सफर करने को मजबूर हैं। इस वजह से वजीरगंज-बदायूं, बिल्सी-बदायूं आदि रूटों पर अब डग्गामारों की चांदी हो रही है। यह मनमाने तरीके से रुपये वसूल कर रहे हैं।
प्रयागराज महाकुंभ मेले में बदायूं रोडवेज डिपो से 115 बसें गईं
हैं। इस कारण डिपो पर निगम की मात्र 23 व अनुबंधित 45 बसें ही रह गईं। बसें कम होने से देहात क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते डग्गामार वाहन अब पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं।
वहीं, सबसे अधिक परेशानी बिसौली, वजीरगंज, कुंवरगांव, दातागंज, उसावां, उसहैत, ककराला, अलापुर कादरचौक आदि स्थानों के लिए जाने वाले यात्रियों को हो रही है। प्राइवेट बसें भी सवारियों को ला ले जा रहीं हैं।
सैदपुर बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े यात्री ने बताया कि चंदौसी जाना है। रोडवेज के इंतजार में एक घंटे से खड़े हैं। बस नहीं आई है। ऐसे में कई सवारियां तो डग्गामार वाहनों से चलीं गईं। बसें देर से आ रहीं है, पैर रखने को भी बस में जगह नहीं मिल पा रही है।
मोहम्मद फैज, सैदपुर
चंदौसी से कस्बा सैदपुर में आए थे। अब इमरजेंसी में लौटकर जाना पड़ रहा है। आधा घंटे से बस आई नहीं है। डग्गामार वाहन सवारियों को ठूंसकर भर रहे हैं। जान जोखिम में डालकर इन वाहनों से ही सफर करना पड़ रहा है। जाना जरूरी है तो डग्गामार से ही जा रहे हैं।
संजय कुमार, चंदौसी
सात फरवरी को बसें लौट आएंगी। वर्कशॉप में खड़ी सभी बसों को ठीक कराके रूटों पर लगा दिया गया है। देर से मिलें, लेकिन बसें लोकल रूट पर भेजी जा रहीं है। अन्य डिपो की भी बसें बदायूं तक आ रहीं हैं। ऐसे में किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अजय कुमार, एआरएम