पारिवारिक विवादों को निपटाने के लिए प्रदेश में 11 सौ स्थायी अदालतों की स्थापना होगी। इनके लिए 47 जिलों की मंजूरी भी मिल गई है। इसके अलावा न्यायालयों में लंबित चल रहे सभी तरह के मामलों को सुलझाने को 300 सिविल जज के पद सृजित होंगे तो सोत नदी को कब्जा मुक्त कराने के लिए सिंचाई मंत्री से बात होगी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को बांटी जा रही यूनिफार्म की गुणवत्ता को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उसकी जांच की जाएगी। यह बात गुरुवार को जिले के दौरे पर आए प्रदेश के कानून और न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से कहीं। उन्होंने प्रदेश सरकारी की उपलब्धियों को गिनाया। कहा कि यह पहली सरकार है जो समाज के हर वर्ग को लेकर चल रही है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा। एक सवाल के जबाव में कानून मंत्री ने कहा कि बदायूं में सोत नदी पर जो कब्जे हुए हैं उसे हटाने के लिए जल्द ही वह सिंचाई मंत्री से बात करेंगे। कब्जा मुक्त कराना प्राथमिकता रहेगा। वैसे सरकार ने हर तरह के कब्जों को हटाए जाने का आदेश प्रशासनिक अधिकारियों को दे दिया है। श्री पाठक ने अपने विभाग की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उनका प्रयास है कि अदालतों में जो मामले लंबित हैं वह जल्द से जल्द निपटें। इसके लिए सरकार जल्द ही प्रदेश में 300 सिविल जज के पद सृजित करेगी। इनमें सौ अतिरिक्त सिविल जज, सौ पारिवारिक जज और सौ जनरल जज के पद होंगे। बोले-देखा गया है कि पारिवारिक झगड़ों के मामले ज्यादा आते हैं ऐसे मामलों को त्वरित गति से निपटाने के लिए प्रदेश में 11 सौ स्थायी अदालतें खोली जाएंगी। प्रथम चरण में प्रदेश के 47 जिलों में यह अदालतें खोलने की मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि जल्द ही बाकी जिलों में भी स्थायी अदालतें खोलने की मंजूरी दे दी जाएगी। एक सवाल के जबाव में कानून मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि किसी भी कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। इसलिए परिषदीय स्कूलों के बच्चों को जो यूनिफार्म बांटी जा रहीं है या फिर वितरित की गई है। यदि उनकी गुणवत्ता मानक के विपरीत पाई जाती है तो वहां के विभागीय अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। पत्रकार वार्ता के समय बिल्सी विधायक आरके शर्मा, शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक कुशाग्र सागर, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य भी मौजूद रहे।