खरीफ सत्र 2016 में फसल बीमा कराने वाले करीब 11 हजार किसानों का 1.68 करोड़ फसल बीमा प्रीमियम बैंकों और बीमा कंपनियों के बीच उलझ गया है। इसकी पोल विकास भवन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक में सीडीओ और एडीएम वित्त एवं राजस्व की मौजूदगी में खुल गई। सीडीओ ने दोनों विभागों को इसे निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि रबी फसल 2015-16 के तहत किसानों को मिलने वाला फसली मुआवजा चार करोड़ 16 लाख 27 हजार रुपये किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।
बैठक के दौरान एलडीएम अनुराग रमन खरीफ सत्र 2016 की फसल का बीमा करीब 63 हजार किसानों का प्रीमियम करीब 5.18 करोड़ भेजे जाने की बात कह रहे थे। जबकि बीमा कंपनी प्रतिनिधि ने 52 हजार किसानों का करीब 3.50 करोड़ रुपये प्रीमियम मिलने की बात कही। सीडीओ अच्छेलाल सिंह यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एलडीएम और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि आपस में तय कर लें, कि वास्तविक संख्या और बीमा प्रीमियम की धनराशि क्या है। इसके बाद उन्हें सूचित करें। एडीएम वित्त एवं राजस्व हवलदार सिंह यादव ने कहा कि लीड बैंक मैनेजर से कहा कि केवल उन किसानों से ही बीमा प्रीमियम लिया, जिस गांव जो फसल अधिसूचित है। इसकी सूचना सभी बैंक शाखाओं में दे दी जाए। इस मौके पर कृषि उपनिदेशक आरपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।