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Budaun News: धान क्रय केंद्र बंद होने में बचे 11 दिन...खरीद सिर्फ 45 फीसदी

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मंडी समिति में बंद पड़ा धान क्रय केंद्र। संवाद
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बदायूं। धान खरीद के लिए जिले में खोले गए सरकारी क्रय केंद्र बंद होने में सिर्फ 11 दिन शेष हैं, बावजूद इसके शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष महज 45 प्रतिशत ही धान खरीद हो सकी है। ऐसे में तय समय में लक्ष्य को पूरा करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
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शासन के निर्देश पर एक अक्तूबर से जिले में धान खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों को खोला गया था। जहां पर शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2183 रुपये प्रति क्विंटल से मोटा व 2203 रुपये प्रति क्विंटल से ग्रेड ए का धान किसानों से खरीदा गया।
जिला प्रशासन ने खरीद के लिए चार एजेंसियों को नामित किया। जिन्होंने 45 क्रय केंद्र खोले। शासन ने जिले को 58000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया, लेकिन विभाग अब तक महज 26098 मीट्रिक टन धान ही खरीद सका।
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कम धान खरीद होने की एक वजह यह भी
किसानों के लिए धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी है। इसके बाद उन्हें धान बेचने के लिए एसडीएम से जांच करानी पड़ती है। वहां से स्वीकृति के बाद किसान धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचते हैं। यहां पर धान बेचने के दौरान केंद्र प्रभारी द्वारा तमाम कमियां बता दी जाती हैं। साथ ही धान की बिक्री करने के बाद किसानों को धान के दाम प्राप्त करने के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन्हीं सब झंझटों से बचने के लिए काफी संख्या में किसान क्रय केंद्रों पर जाने के बजाए खुले में धान बेचने को प्राथमिकता देते हैं और सरकारी खरीद कर रह जाती है।
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अब तक 2971 किसानाें ने बेचा धान
अब तक विभाग को जिले के 2971 किसानों ने अपना धान बेचा है। 5697 लाख के सापेक्ष क्रय एजेंसियां अब तक 5506 लाख रुपये का भुगतान कर चुकी हैं। इस समय एजेंसियों पर किसानों का 190 लाख रुपये बकाया है। जहां खाद्य विभाग किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर चुका है तो यूपीएसएस 89 फीसदी भुगतान ही कर सका है।
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मौके पर बंद हुए क्रयकेंद्र, कागजों में चल रहे
जिला प्रशासन की ओर से धान खरीद के लिए जिले में 45 क्रय केंद्रों को खोला गया। जिन पर किसानों से धान की खरीद की गई लेकिन अब धीरे-धीरे सरकारी क्रय केंद्र बंद होने लगे है। हालांकि कागजों में अभी सभी क्रय केंद्र संचालित है। यह और बात है कि जिले में किसी भी क्रय केंद्र पर अब धान खरीद नहीं हो रही है।
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धान खरीद के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, इसको लेकर सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को लगाया गया है, ताकि धान खरीद के लक्ष्य को बढ़ाया जा सके।
-अतुल वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ
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