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Budaun News: पीएम आवास योजना के 1063 आवेदक अपात्र

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पालिका में आवेदनों की जांच करते कर्मचारी। संवाद
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बदायूं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आए आवेदनों की जांच नगर पालिका बदायूं की ओर से कराई जा रही है। अभी तक 1063 आवेदक अपात्र पाए जा चुके हैं। इसमें किसी का पक्का मकान तो कोई पालिका की सीमा के बाहर रह रहा है। अब इनकी क्रास चेकिंग तहसील स्तर से कराई जा रही है।
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गरीबों को खुद की छत देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है। जिले में अभी तक इस योजना के तहत 36 हजार आवेदन आ चुके हैं। सभी आवेदन जांच के लिए नगर पालिका व नगर पंचायत को भेजे गए हैं। इसमें बदायूं नगर पालिका क्षेत्र के 2081 आवेदक हैं। इसमें से 1698 आवेदनों की जांच कराई गई तो 635 लोग पात्र पाए गए और 1063 अपात्र हैं। अपात्र पाए गए लोगों में किसी के पास खुद का घर है तो कोई नगर पालिका सीमा की जद में नहीं आ रहा था। ऐसे लोगों को सूची से बाहर कर दिया गया है।

केस एक
गालिब पट्टी निवासी मोहम्मद कालिम ने पास खुद की जमीन है। उन्होंने आवास निर्माण के लिए आवेदन किया था। जांच में पाया कि पालिका की सीमा में कालिम की जमीन नहीं है। इसलिए उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
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केस दो
नेकपुर निवासी देवकी ने अपनी खाली जमीन पर मकान बनाने के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान पाया गया कि आवेदन की जमीन 12 गज है। मानक के अनुसार मकान बनाने के लिए कम से कम 30 गज जमीन होनी चाहिए।

केस तीन
कट्टा ब्रह्मपुर निवासी देशराज गुप्ता के आवेदन की पालिका कर्मचारियों ने जांच की तो पाया उनका एक पक्का मकान बना हुआ है। इस वजह से उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।

केस चार
सहबाजपुर निवासी पारो ने अपनी खाली जमीन दिखाकर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान पाया गया कि पारो का पक्का मकान बना हुआ है। इस कारण उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।

तीन बार में आता है रुपये
पीएम आवास योजना के तहत तीन बार में पात्र व्यक्ति को रुपये दिया जाता है। पहली बार में 50 हजार रुपये नींव खुदवाने के लिए। उसके बाद छत डलवाने के लिए दूसरी बार में 1.50 लाख रुपये और फिर तीसरी बार में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
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पीएम आवास योजना के तहत आने वाले आवेदनों की जांच पालिका के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। पात्र लोगों की सूची डूडा भेजी जा रही है।
-सुरेश पाल सिंह, नगर मजिस्ट्रेट/ईओ
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योजना के लिए होनी चाहिए यह पात्रता
-आवेदक को पहले से ही किसी भी सरकारी आवास योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।
- आवेदक के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- यदि परिवार में कोई महिला नहीं है, तो केवल पुरुष सदस्य के नाम पर घर का स्वामित्व हो सकता है।
- वार्षिक आय तीन लाख से कम होनी चाहिए।

पालिका में आवेदनों की जांच करते कर्मचारी। संवाद

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