बदायूं। श्री गणेश सेवा मंडल की ओर से शहर में आयोजित श्री गणेश कथा के चतुर्थ दिवस पर रविवार को कथा व्यास गोपेश महाराज ने भगवान गणेश के विवाह का सुंदर वर्णन किया।
कथावाचक ने बताया कि विश्वरुप प्रजापति की रिद्धि और सिद्धि दो दिव्य रूप वाली सर्वांग सुंदरी दो कन्याएं थीं। गिरजा और महेश्वर ने आनंद पूर्वक उन दोनों के साथ गणेश महोत्सव में विवाह कराया। सभी देवता प्रसन्न होकर विवाह में आए। कुछ समय निकलने के बाद में शुम और लाभ नामक दो पुत्र हुए। जिन्हें लोक कल्याण के लिए मंगल कार्य किए जाते हैं। भगवान गणेश का परिवार सहित आवाह करने पर गणेश जी रिद्धि, सिद्धि, शुभ और लाभ को साथ में लेकर आते हैं। रविवार को कथा स्थल पर वैवाहिक माहौल बना गया था। गणेेश जी विवाह को जीवंत बनाने के लिए गणेश मंडल के कार्यकर्ताओं ने गणेश जी की बारात का आयोजन किया गया। प्रसाद का वितरण अमोद चाणक्य ने किया। इस मौके पर चेयरमैन दीपमाला गोयल, मनोज वैश्य, गजेंद्र, नितेष, स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, राहुल चौबे, पंकज शर्मा मौजूद रहे।