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शिवतेरस पर जटाधारी की हुई उपासना
- शहर से लेकर देहात तक मंदिरों में सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सावन में भगवान भोले की आराधना करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस माह में हर कोई भगवान भोले की भक्ति से सराबोर नजर आता है। गुरुवार को शिवतेरस के दिन शहर से लेकर देहात तक मंदिरों में कावंड़िया के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन माह के तेरस के दिन भगवान शिव को जलाभिषेक करने का विशेेष महत्व है। शहर के समस्त मंदिरों की एक दिन पूर्व रात में ही साफ-सफाई कर दी गई थी, गुरुवार को भोर में ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए। शहर के पुरानी चुंगी स्थित गौरी प्रसाद मंदिर, बिरुआबाड़ी मंदिर, बालाजी मंदिर समेत अन्य कई मंदिरों में सुबह से भगवान भोले के दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, हल्दी और चंदन से विधिवत रूप से शृंगार कर जलाभिषेक किया। हरिप्रसाद मंदिर के पुजारी पं. चंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सावन माह की तेरस पर जलाभिषेक और पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान भोले अत्यंत प्रसन्न होते हैं। जिस कारण पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की मन की मुराद पूरी करते हैं।
बिल्सी। नगर में गुरुवार को प्रमुख बंबा चौराहे स्थित शिव शक्ति भवन मंदिर, मोहल्ला संख्या दो के नीलकठेंश्वर महाराज, हुनमानगढ़ी समेत नगर के अधिकतर मंदिरों में शिव भक्तों ने पहले दिन पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। पालिका द्वारा मंदिरों पर विशेष सफाई भी कराई गई।