प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन बेहद गरीब बेघर लोगों को आवास का लाभ नहीं मिल सका है। उन्हें मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत घर मुहैया कराया जाएगा। ताकि कोई भी पात्र गरीब व्यक्ति बेघर नहीं रह सके। प्रत्येक आवास को बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये तीन किस्तों में दिए जाएंगे।
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण चलाई जा रही है। इसमें केवल उन लोगों को आवास मुहैया कराए जा रहे हैं। जिनका समाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना 2011 में चयन किया गया है। इसके अलावा भी काफी लोग बेघर रहे गए। जो पात्रता की श्रेणी में आते हैं। वे अब भी बिना आवास के रहने को मजबूर हो रहे हैं। लेकिन वे अब बेघर नहीं रहेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना संचालित की जा रही है। ऐसे पात्र लोगों को राज्य सरकार 25 वर्ग मीटर भूमि में मकान बनवाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि मुहैया कराएगी। आर्थिक सहायता तीन किस्तों में लाभार्थी के खाते में जाएगी। इसमें पहली किस्त कार्य शुरू कराने के लिए 40 हजार रुपये, दूसरी किस्त 70 हजार और तीसरी किस्त 10 हजार रुपये रंगाई पुताई के लिए होगी। साथ ही लाभार्थी को 90 दिन मनरेगा के तहत कार्य सुविधा भी दी जाएगी। मकान में एक कमरा और रसोई बनवाना जरूरी होगा। इसके अलावा शौचालय का होना भी जरूरी होगा।
खुुली बैठक में होगा अनुमोदन इसके लिए पहले आवेदन मांगे जाएंगे। बाद में प्राथमिक स्तर पर सूची तैयार की जाएगी। जिसका चयन जिलास्तर पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। उसके बाद ग्राम सभा की खुली बैठक में लाभार्थियों का अनुमोदन किया जाएगा। मकान पति-पत्नी दोनों के नाम पर आवंटित किया जाएगा। पत्नी के न होने की स्थिति में ही केवल पुरुष के नाम मकान आवंटित होगा।