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पुरानी पेंशन की बहाली पर सरकार पर खूब गरजे राज्य कर्मचारी-शिक्षक

Fri, 20 Jul 2018 12:06 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
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workers protest
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 पुरानी पेंशन की बहाली के मुद्दे को लेकर एकमंच पर आए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और शिक्षक संघों के अलावा अन्य संगठनों से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों ने गुरुवार को एक दिनी धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि जीपीएफ आधारित पुरानी पेंशन को बहाल नहीं किया गया तो कर्मचारियों-शिक्षकों में इतनी ताकत है कि वह सरकार को सत्ता से बेदखल कर दे। अब देश भर में इस गंभीर समस्या को लेकर आंदोलन का बिगुल बज चुका है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी डीएम को सौंपा। उन्होंने जमकर नारे भी लगाए। कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए नई अंशदायी पेंशन योजना चलाई है, जिसे किसी हाल में सहन नहीं किया जाएगा।
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धरने की अध्यक्षता कर रहे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष इंजीनियर एके मिश्रा ने कहा कि एक अप्रैल 2015 के बाद नियुक्त कर्मचारियों-शिक्षकों का भविष्य रिटायरमेंट के बाद अंधकारमय हो गया है। सरकार ने भविष्यनिधि का निजीकरण करके कर्मचारियों-शिक्षकों के जीवनभर की खून-पसीने की कमाई को चंद पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए एनपीएस स्कीम चलाई है। बोले-पुरानी पेंशन की बहाली को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। पंचायती राज ग्रामीण सफाई संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शाक्य ने कहा कि सरकार एनपीएस स्कीम को तत्काल वापस ले और एनपीएस खातों को जीपीएफ खातों में स्थानांतरित करे। अब कर्मचारी-शिक्षक खामोश बैठने वाले नहीं हैं।
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव यादव ने कहा कि जिस प्रकार पेंशन की समस्या आज विकराल रूप धारण कर चुकी है उसी प्रकार 50 साल पर जबरन रिटायरमेंट की सरकार की योजना भी कर्मचारियों-शिक्षकों के लिए नासूर बनेगी। सरकार को पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही जबरन रिटायरमेंट के फैसले को वापस लेना होगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली को कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पेंशन बहाली मंच का गठन हो चुका है। सरकार को कर्मचारी-शिक्षक विरोधी नीति को त्यागना होगा। नहीं तो हममें इतनी ताकत है कि सरकार को ही बदल दें। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देशराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सांसद रहते हुए केंद्र सरकार को पुरानी पेंशन की बहाली को पत्र लिखा था। अब वह खुद प्रदेश के मुखिया हैं। एनपीएस को खत्म करने का नोटिफिकेशन जारी करें।
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परिषद के संरक्षक मदन मुरारी गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय और मंत्री सरोज यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को दो दिन चुने जाने के बाद भी पेंशन दी जाती है, लेकिन कर्मचारी-शिक्षक जीवनभर सेवा करता है उसे बाजार के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है। धरने में लेखपाल संघ के अध्यक्ष भोजराज सिंह, नीलम शर्मा, अजीत सिंह यादव, तुलसा यादव, राजेश चंद्र सक्सेना, संदीप कुमार, हरिप्रसन्न शर्मा, मदनलाल सैनी, अशोक कुमार, लल्लू सिंह, प्रियंका खन्ना, बीबी शर्मा, सुशील चौधरी, दामोदर सिंह, राजीव कुमार, आरएन यादव, ललितेश कुमार आदि शामिल हुए।
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