जिले में शिक्षा का स्तर सुधरने का जो दावा पेश किया जा रहा है। इसका खुलासा बुधवार को डीआईओएस/ प्रभारी बीएसए के निरीक्षण में सामने आ गया जब डीआईओएस को तीनों ही स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 30 फीसदी बच्चे भी उपस्थित नहीं मिले।
डीआईओएस/ प्रभारी बीएसए राममूरत उझानी ने तीन विद्यालय चेक किए। जिनमें दो विद्यालयों में घोर अनियमतिताएं पाईं गईं। वह सबसे पहले जजपुरा गांव स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे तो यहां कक्षा 6 से 12 में कुल पंजीकृत बच्चों में से केवल 33 ही उपस्थित मिले। उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षकों को आदेशित करते हुए कहा कि बच्चों के अभिभावकों से मुलाकात कर उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। इसके बाद वह अब्दुल्लाहगंज स्थित उच्चतर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे तो तैनात किए शिक्षक तो उपस्थित मिले लेकिन कार्यरत तीन अनुदेशकों में से एक अनुदेशक अवकाश पर थी। उन्होंने जब छात्रों की उपस्थिति देखी तो वह भड़क उठे, यहां पंजीकृत 137 बच्चों में से कुल 51 छात्र ही उपस्थित मिले। उन्होने प्रधानाध्यापक को आदेश दिया कि मेन्यू के आधार पर ही मिडडे मील बनाया जाए अगर इसमें किसी भी प्रकार की कोई अनदेखी बर्दाश्त नही की जाएगी। बच्चों को साफ सुथरा और गर्म भोजन ही दिया जाए।