बदायूं। अतिक्रमण से आम नागरिक ही नहीं व्यापारी भी परेशान हैं। अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम की वजह से ग्राहक मुख्य बाजारों मे जाने से बचने लगे हैं। शहर को सुंदर बनाने में व्यापारी भागीदार बनने को तैयार हैं। उनका कहना है कि प्रशासन या नगर पालिका अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए, लेकिन बिना किसी भेदभाव किए। समूचे शहर में समान रूप से अभियान चले। किसी एक क्षेत्र या मार्केंट को फोकस न किया जाए। फुटपाथ पर बैठकर गुजारा करने वालों के पुनर्वास के लिए एक स्थान निर्धारित किया जाए।
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व्यापारी नेता की जुबानी
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पहले हटें अस्थायी दुकान
डग्गामार वाहनों, ठेलों, खोमचों आदि ने शहर में अस्थायी अतिक्रमण कर रखा है। इससे सड़कों पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। अस्थायी अतिक्रमण हटने से ही रोड स्वत: चौड़े हो जाएंगे और जाम की समस्या न के बराबर रह जाएगी। जरूरी है कि अस्थायी छोटे व्यापारियों को एक निश्चित स्थान दिया जाए, जहां पर वे बैठ सकें।
-नवनीत गुप्ता, व्यापारी नेता
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बिना पक्षपात के चले अभियान
अतिक्रमण हटाओ अभियान से पहले शहर में रेड लाइन लगाई जाए। उसी के आधार पर अतिक्रमण हटाओ अभियान बिना पक्षपात के साथ चलाया जाए। जो हर गली, मोहल्ले, सड़क पर चले। इसके लिए टीम भी गठित हो। जो हर हफ्ते अभियान को जारी रखे। ऐसा नहीं साल में एक बार अभियान चले और रुक जाए।
-संदीप गुप्ता, जिला अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
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व्यापारी करेंगे सहयोग
अभी शहर में कई जगहों पर फुटपाथ के आगे नालियां बनाई गई है। इस वजह से अतिक्रमण स्वत: ही सड़क पर आ गया है। पहले शहर से अस्थायी अतिक्रमण हटाया जाए। अभियान चलाने से पहले इच्छा शक्ति को जागृत करना होगा ताकि सभी को एक बराबर समझा जा सके। अगर ऐसा होगा तो कोई भी व्यापारी अभियान का विरोध नहीं बल्कि सहयोग करेगा।
-वीरेंद्र धीगड़ा, जिलाध्यक्ष, बदायूं उद्योग व्यापार मंडल
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हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस हो तैनात
शहर में सबसे बड़ी समस्या जाम और अतिक्रमण है। यह एक दूसरे से जुड़ी हुई है। इसमें सुधार के लिए पहले तो हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया जाए। पहले पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। उस वक्त शहर में काफी सुधार हुआ। शहर की सड़कें चौड़ी दिखने लगीं, लेकिन दोबारा यह नहीं चल पाया, इससे स्थिति दोबारा वैसे ही बन गई।
-आमोद चाणक्य
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अतिक्रमण करना ठीक नहीं
बाजार में सब अपने आप को दिखाने में लगे हैं और होना भी चाहिए, लेकिन इस कारण शहर की सड़कों पर अतिक्रमण करना गलत है। व्यापारियों ने एक-दूसरे को देखकर खुद को दिखाने के चक्कर में सड़क पर अस्थायी दुकान बना ली है। अगर बिना भेदभाव के अभियान चलाया जाए, तो कोई भी व्यापारी इसका विरोध नहीं करेगा। उसे तो जाम से निजात मिलने से राहत मिलेगी। उसके ग्राहकों में बढ़ोतरी होगी और वह दुकान पर पूरा समय दे सकेंगे।
-हरि किशन, सराफा
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ठोस रणनीति की जरूरत
इस वक्त की सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण है। इसके लिए अभियान तो चलाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो कि अभियान एक तरफ शुरू हो और कुछ चिह्नित जगहों पर चलकर सिमट जाए। ऐसा होने पर व्यापारियों और लोगों को इस अभियान का फायदा नहीं मिल पाए। इसके लिए एक ठोस रणनीति की जरूरत है।
-नीरज बतरा