बिल्सी। यहां कोतवाली क्षेत्र के गांव पुसगवां में रविवार सुबह हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से करंट लगने पर सतेंद्र पाल और उसके पुत्र सुमित की मौत हो गई थी। दोनों का पार्थिव शरीर खेत पर ले जाकर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
पुसगंवा निवासी सतेंद्र पाल पुत्र रामदुलार सिंह रविवार की सुबह करीब पौने दस बजे एक ट्रैक्टर से बाजरा के पूले लेकर गांव की ओर आ रहा था। ट्रैक्टर के आगे उसका बड़ा पुत्र सुमित भी आगे पैदल चल रहा था। जैसे ही ट्रैक्टर हाइटेंशन लाइन पास से गुजरा तभी अचानक तार टूट कर सुमित के ऊपर गिर पड़ा। करंट लगने से सुमित की मौत हो गई। ट्रैक्टर में बैठे पिता सतेंद्र ने देखा कि उसका पुत्र करंट की चपेट में आ गया है तो उसने आनन-फानन में बिजली के नंगे तार को अपने हाथों से उठाकर अलग करने की कोशिश की और सतेंद्र पाल की भी करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। गांव में करंट से एक साथ हुई दो मौत के बाद गांव में कोहराम सा मच गया। किसी ने इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे दोनों शवों को देख कर गांव में मातम छा गया। उसके बाद में खेत पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां मृतक सतेंद्र के बड़े भाई सुरेश पाल ने मुखाग्नि दी। सभी लोगों की आंखों में दुखों के आंसू झलक रहे थे।