बदायूं। तमंचे के बल पर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट उदयभान सिंह ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता ने पांच नवंबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि उसके पिता के पास प्रेमपाल का फोन आया। उसने कहा कि बेटी को लेकर गुन्नौर तहसील आ जाओ। यहां शादी अनुदान के 30 हजार रुपये मिल जाएंगे। वह अपने पिता के साथ गुन्नौर तहसील पहुंची तो प्रेमपाल तहसील में इधर-उधर घुमाता रहा।
बाद में उसने पूछा कि सिलाई करना जानती हो। उसने हां कर दी। इस पर बोला कि चलो ब्लॉक में तुम्हारा इंटरव्यू होगा और अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया। वहां एक कमरे में छोड़कर चला गया। कुछ देर बाद लौटकर आया और बोला- चलो यहां का काम हो गया। यहां पांच सौ रुपये दे दिए हैं। तुमको सिलाई की मशीन जल्द मिल जाएगी। इसके बाद बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले जाने लगा।
पीड़िता के पूछने पर कहा कि उसके पिता से बात हो गई है, वह गांव के पास मिल जाएंगे। रात में 9:30 बजे मदारपुर गांव से पहले प्रेमपाल उसे अपने खेत में ले गया और तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद किसी से भी कोई बात कहने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली। सीओ सहसवान ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का न्यायालय ने अवलोकन करने के साथ ही अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक जितेन्द्र कुमार सिंह व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद प्रेमपाल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई।